ऋषिकेश के डॉ. अक्षत गोयल को मिला देवी अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार 2025

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राजधानी देहरादून में आयोजित एक भव्य समारोह में वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित “देवी अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार” ऋषिकेश की सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यटन उद्यमी डॉ. अक्षत गोयल को प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें उत्तराखंड में रोजगार सृजन, पर्यटन व्यवसाय के विस्तार तथा सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।

यह पुरस्कार देवी अहिल्याबाई होल्कर के वंशज एडवोकेट पंकज होलकर की गरिमामयी उपस्थिति में, पर्यटन व सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज तथा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र – गोवा के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा प्रदान किया गया।

समारोह देहरादून के बदरीपुराम क्षेत्र में सोसाइटी ऑफ मिशन 4जी प्लस (गौ, गंगा, गांव और गायत्री) के वार्षिकोत्सव–2025 के अवसर पर आयोजित हुआ। सम्मान स्वरूप डॉ. अक्षत गोयल को देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर CMI हॉस्पिटल के सर्जन डॉ. राकेश उनियाल ने कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड में पर्यटन, रोजगार और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में कार्यरत समस्त युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में उत्तराखंड के गांधी कहे जाने वाले स्व. इंद्रमणि बडोनी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।

सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. अक्षत गोयल ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने समिति, अतिथियों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों से प्रेरित होकर वे सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक क्षेत्रों में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करती रहेंगी।

उल्लेखनीय है कि देवी अहिल्याबाई होल्कर 18वीं शताब्दी की महान मराठा शासिका थीं। उनके शासनकाल में बद्रीनाथ, केदारनाथ, काशी विश्वनाथ और द्वारका जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण व संरक्षण में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके आदर्श आज भी समाजसेवा और लोककल्याण की दिशा में प्रेरणा देते हैं।

समारोह में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, वन मंत्री सुबोध उनियाल सहित सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों की अनेक प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।

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