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ऋषिकेश : ग्राम सभा खदरी खड़क माफ क्षेत्र में एक चोटिल हाथी द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने की सूचना पर वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नीरज कुमार शर्मा के निर्देशन में उप प्रभागीय वनाधिकारी अनिल सिंह रावत और वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश गंभीर सिंह धमांदा अपनी सुरक्षा टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने क्षेत्र में पहुंचकर न केवल चोटिल हाथी की लोकेशन ट्रेस की, बल्कि उसकी वर्तमान स्थिति का भी आकलन किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित किसानों की फसलों का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार, घायल हाथी फिलहाल राजाजी टाइगर रिजर्व की गोहरी रेंज में मौजूद है और पार्क की सुरक्षा टीम उस पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। ऋषिकेश रेंज का गश्ती दल भी पार्क प्रशासन के संपर्क में रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए है। उप प्रभागीय वनाधिकारी अनिल सिंह रावत ने बताया कि यदि रिजर्व फॉरेस्ट से कोई भी वन्यजीव खेतों की ओर रुख करता है, तो रात्रि गश्ती दल किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए नियमित गश्त करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में फायर सीजन चल रहा है, इसलिए वन क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान स्थानीय निवासियों और किसानों को सतर्क रहने की अपील की गई। पर्यावरणविद एवं वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. विनोद प्रसाद जुगलान ने किसानों को सलाह दी कि वे रात के समय खेतों में बिना पर्याप्त रोशनी के न जाएं और हाथी को भगाने के दौरान सफेद या लाल रंग के वस्त्र पहनने से बचें, क्योंकि इन रंगों पर हाथी आक्रामक हो सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि खेतों में हाथी के मल को जलाकर धुआं करने से वन्यजीवों को दूर रखा जा सकता है।

डॉ. जुगलान ने किसानों से आग्रह किया कि वे बिना सुरक्षा के खेतों में अकेले न जाएं और समूह बनाकर ही रखवाली करें। साथ ही किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी वन विभाग चौकी को दें, क्योंकि चोटिल हाथी अधिक आक्रामक हो सकता है और जानलेवा साबित हो सकता है। निरीक्षण दल में उप प्रभागीय वनाधिकारी अनिल रावत, वन क्षेत्राधिकारी जी.एस. धमांदा, अनुभाग अधिकारी अवतार सिंह रावत, वन दरोगा प्रकाश चंद्र अंथवाल, जितेंद्र रावत, कमल सिंह राजपूत और अनुराग सिंह ठाकुर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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