पूर्व सैन्य अधिकारी नौटियाल को संगठन की अहम जिम्मेदारी
ऋषिकेश : उत्तराखंड क्रांति दल ने संगठन को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई जिम्मेदारियों की घोषणा की है। इसी क्रम में ऋषिकेश निवासी और पूर्व सैनिक विरेन्द्र नौटियाल को पार्टी का केंद्रीय संगठन मंत्री नियुक्त किया गया है। संगठन में उनकी साफ छवि, अनुशासित कार्यशैली और लंबे अनुभव को देखते हुए यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विरेन्द्र नौटियाल भारतीय सेना से अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हैं। सैन्य पृष्ठभूमि के कारण वे अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक दक्षता के लिए जाने जाते हैं। राजनीति में भी उनका सक्रिय योगदान रहा है। वे वर्ष 2022-23 में यूकेडी के महानगर ऋषिकेश अध्यक्ष रहे। इसके बाद 2024-25 में केंद्रीय सचिव, उत्तराखंड क्रांति दल के रूप में कार्य किया। अब वर्ष 2026 में उन्हें केंद्रीय संगठन मंत्री का दायित्व देकर पार्टी ने उन पर बड़ा भरोसा जताया है।
यह घोषणा यूकेडी की केंद्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के दौरान की गई, जो श्यामपुर, ऋषिकेश में आयोजित हुई। बैठक में पार्टी के संस्थापक सदस्य, संरक्षक, केंद्रीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान पार्टी की आगामी दिशा और दशा तय करने के लिए 36 सूत्रीय प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। प्रस्तावों में संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक मजबूती, जनसंपर्क अभियान और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल रहे।
जिम्मेदारी मिलने के बाद विरेन्द्र नौटियाल ने कहा कि वे पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को सहर्ष स्वीकार करते हैं। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर वे खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए वे आम जनता के बीच जाएंगे और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर पार्टी की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूती से खड़ा करने और जीत दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उनका कहना था कि उत्तराखंड के मूल मुद्दों स्थानीय रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय अस्मिता को लेकर यूकेडी मजबूती से आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।
पार्टी पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि विरेन्द्र नौटियाल के नेतृत्व में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और आगामी चुनावों में यूकेडी एक मजबूत विकल्प के रूप में हुआ ।
