योग, संस्कृति और पर्यटन से वैश्विक पहचान मजबूत
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने पिछले चार वर्षों में विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक संतुलित मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य सरकार ने जहां एक ओर आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और धार्मिक धरोहर को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। धामी सरकार के कार्यकाल में चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, हेलीकॉप्टर सेवाओं और आपदा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्थाओं ने तीर्थयात्रियों के अनुभव को पहले से अधिक सुगम बनाया है। इसके साथ ही राज्य में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया गया है।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए निवेश सम्मेलनों का आयोजन किया गया, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव आए और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई। स्वरोजगार योजनाओं और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने से युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई राह मिली है।वहीं, उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने के लिए पारंपरिक मेलों, उत्सवों और स्थानीय कला-संस्कृति को प्रोत्साहित किया गया। अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से राज्य ने वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान मजबूत की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास और विरासत के बीच संतुलन बनाए रखते हुए उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से यह लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जाएगा।
