ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का समापन
ऋषिकेश : ऋषिकेश में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का समापन समारोह भव्य और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह महोत्सव समापन का नहीं, बल्कि पूरी मानवता को अध्यात्म और शांति का संदेश देने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश की पवित्र भूमि से निकला योग आज पूरे विश्व में गूंज रहा है और भारत “सबका भला, सबका विकास” के मंत्र के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।राज्यपाल ने कहा कि शांति बनाए रखने के लिए शक्ति का होना आवश्यक है और हमारी सनातन परंपरा, संस्कृति और जड़ों से जुड़ी विरासत हमें योग और आयुर्वेद के माध्यम से मिली है। उन्होंने उत्तराखंड को ऋषि-मुनियों और तपस्वियों की भूमि बताते हुए कहा कि आज यह प्रदेश विश्व को योग विद्या प्रदान करने का केंद्र बन चुका है।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने GMVN के प्रबंध निदेशक युवा अधिकारी प्रतीक जैन की खुले मंच से सराहना की। उन्होंने कहा कि मात्र 20 दिन पहले पदभार संभालने के बावजूद उन्होंने सीमित समय में महोत्सव को सफलतापूर्वक आयोजित किया। उन्होंने टीम के साथ समन्वय बनाकर हर व्यवस्था पर स्वयं नजर रखी, जो सराहनीय है। राज्यपाल ने प्रतीक जैन को मंच पर आमंत्रित कर उपस्थित योग साधकों और अतिथियों से तालियां बजवाकर सम्मानित भी किया।
राज्यपाल ने जानकारी दी कि इस महोत्सव में 33 देशों के 250 से अधिक विदेशी योग साधकों और 2850 भारतीय प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 180 विद्यालयों के छात्र भी शामिल रहे। इस दौरान 250 से अधिक सत्रों में योग, प्राणायाम, ध्यान, साधना और आयुर्वेद का ज्ञान दिया गया। इसके साथ ही हेरिटेज वॉक, रन फॉर योगा और स्वच्छता मिशन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।विश्व जल दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने “जल ही जीवन है” का संदेश देते हुए जल संरक्षण पर जोर दिया। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति अध्यात्म से परिपूर्ण है, जिसमें संगीत, नृत्य और साधना का समावेश है। उन्होंने कहा कि आज 144 देशों में योग के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रसार हो रहा है और समानता इसका मूल आधार है।
प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं भाषा मंत्री सुबोध उनियाल ने राज्यपाल के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे सदैव सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने योग को ऊर्जा का स्रोत बताते हुए कहा कि ऋषिकेश योग की जननी है, जहां से पूरी दुनिया योग से जुड़ रही है। कार्यक्रम के अंत में GMVN के प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन ने राज्यपाल, मंत्री, योगाचार्यों, साधकों और सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महोत्सव को दिव्यता, भव्यता और नव्यता प्रदान करने का प्रयास किया गया, जिसमें जनसहभागिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मीडिया और आयोजन से जुड़े सभी कर्मियों का भी धन्यवाद किया।
समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, जिलाधिकारी टिहरी नितिका खंडेलवाल, स्वामी नारायण के सुनील भगत, प्रेम जी महाराज, उषा माता, हेमकुंड गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के नरेंद्र बिंद्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन की सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी गई।
