गोल्डन की डिवीजन ने मनाई स्थापना की डायमंड जुबली, 60 वर्षों की गौरवशाली सेवा का उत्सव
देहरादून: भारतीय सेना की प्रतिष्ठित गोल्डन की डिवीजन ने अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में डायमंड जुबली समारोह का भव्य आयोजन किया। वर्ष 1965 में गठित यह सैन्य फॉर्मेशन बीते छह दशकों से राष्ट्रसेवा, शौर्य, अनुशासन और निष्ठा का सशक्त प्रतीक बनी हुई है। डायमंड जुबली कार्यक्रम के दौरान डिवीजन के गौरवशाली इतिहास, उपलब्धियों और बलिदानों को स्मरण किया गया। समारोह में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और जवानों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि गोल्डन की डिवीजन ने सीमाओं की सुरक्षा से लेकर देश के आंतरिक सुरक्षा अभियानों और आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई है।
डिवीजन के जवानों ने युद्धकालीन परिस्थितियों के साथ-साथ शांति काल में भी अनुकरणीय सेवाएं दी हैं। प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भागीदारी कर आमजन की सहायता करना इस डिवीजन की विशिष्ट पहचान रही है। चाहे सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी हो या आपात परिस्थितियों में नागरिकों का संरक्षण, हर चुनौती में डिवीजन ने अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी और समर्पण के साथ निर्वहन किया है।

समारोह के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और डिवीजन के भविष्य के दायित्वों को लेकर संकल्प भी लिया गया। सैन्य अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में भी गोल्डन की डिवीजन देश की सुरक्षा और सेवा के अपने मूल मंत्र पर अडिग रहते हुए नए कीर्तिमान स्थापित करती रहेगी।
डायमंड जुबली समारोह ने न केवल डिवीजन के गौरवशाली अतीत को उजागर किया, बल्कि वर्तमान और भविष्य में राष्ट्र के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।
