शांतिकुंज हरिद्वार में अखंड ज्योति व माता भगवती देवी शर्मा जन्म शताब्दी समारोह का भव्य शुभारंभ

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हरिद्वार: हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में अखंड ज्योति एवं माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी समारोह का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की गरिमामयी उपस्थिति रही। शांतिकुंज परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा, वैदिक मंत्रोच्चार और देश-विदेश से आए साधकों की उपस्थिति से भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया।

ध्वज वंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक रूप से स्वयं को फिर से गढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय गुलामी की मानसिकता से जकड़ा भारत अब अपने सांस्कृतिक मूल्यों, आध्यात्मिक विरासत और सनातन परंपराओं पर गर्व महसूस कर रहा है। शांतिकुंज जैसे आध्यात्मिक केंद्र इस सांस्कृतिक पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सीएम धामी ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के सेवा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर त्रिवेणी संगम कार्यक्रम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को मेडल प्रदान किए जाएंगे। इसी क्रम में देव संस्कृति विश्वविद्यालय का सातवां दीक्षांत समारोह 19 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। दीक्षांत समारोह में लगभग 1500 छात्र-छात्राओं को स्नातक, परास्नातक एवं डॉक्टरेट की उपाधियां प्रदान की जाएंगी, जबकि विभिन्न संकायों के टॉपर विद्यार्थियों को विशेष मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा।

गौरतलब है कि इस वर्ष पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के सौ वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। साथ ही अखंड ज्योति और माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी का यह पावन आयोजन किया जा रहा है। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में देव संस्कृति विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भी आयोजित होना इसे और अधिक विशेष बनाता है। इस महोत्सव के साक्षी बनने के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार के देश-विदेश से आए करीब 60 हजार साधक शांतिकुंज पहुंचे हैं। इनके समक्ष राष्ट्र की कई जानी-मानी हस्तियों द्वारा मेधावियों का सम्मान किया जाएगा, जो विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति एवं समारोह के दल नायक डॉ. चिन्मय पंड्या ने जानकारी देते हुए बताया कि दीक्षांत समारोह में स्नातक, परास्नातक और शोध उपाधियों का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समारोह भारतीय संस्कृति आधारित उच्च शिक्षा की विशिष्ट पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा युवा पीढ़ी को मूल्यनिष्ठ और संस्कारवान शिक्षा की दिशा में प्रेरित करेगा। इस अवसर पर अनेक आध्यात्मिक संतों के साथ-साथ उत्तराखंड के उच्च शिक्षामंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

इसी दिन सायंकाल एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से आए आदिवासी स्वयंसेवकों का विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में सामाजिक, सांस्कृतिक और आत्मिक उत्थान से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा तथा समाज को एकता, संस्कार और सेवा का संदेश दिया जाएगा।

कुल मिलाकर, शांतिकुंज में आयोजित यह जन्म शताब्दी समारोह न केवल आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना हुआ है, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।

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