स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी, ग्रामीणों को किया गया जागरूक
चमोली: चमोली जिले के गैरसैंण ब्लॉक स्थित मठकोट गांव में 40 से अधिक बच्चों में पीलिया के संदिग्ध लक्षण सामने आने से क्षेत्र में फैली चिंता अब पूरी तरह खत्म हो गई है। लखनऊ भेजे गए खून के नमूनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों मठकोट गांव में कई बच्चों में आंखों और त्वचा में पीलापन, कमजोरी और भूख न लगने जैसे लक्षण देखे गए थे। शुरुआत में इन लक्षणों को देखते हुए पीलिया की आशंका जताई गई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। प्राथमिक स्तर पर बच्चों की जांच कराई गई और सावधानी बरतते हुए 23 बच्चों के खून के नमूने दोबारा विस्तृत जांच के लिए लखनऊ भेजे गए।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट में सभी नमूने पीलिया समेत किसी भी गंभीर संक्रमण के लिए निगेटिव पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि गांव में किसी भी तरह का पीलिया संक्रमण नहीं फैला है। फिलहाल सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और किसी में भी बीमारी के लक्षण नहीं पाए जा रहे हैं।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बच्चों की नियमित जांच की और ग्रामीणों को साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल के उपयोग और खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी। साथ ही जलस्रोतों की जांच और आसपास के वातावरण की निगरानी भी की गई, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।
गांव के अभिभावकों ने बताया कि शुरुआत में बच्चों की तबीयत खराब होने से वे काफी चिंतित थे, लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद अब सभी ने राहत महसूस की है। स्वास्थ्य विभाग ने भी ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी बच्चे या व्यक्ति में असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है। मठकोट गांव में पीलिया फैलने की आशंका निराधार साबित होने के बाद क्षेत्र में जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा है।
