नैनीताल में महिला कोच और अधिकारियों की अहम भूमिका
नैनीताल : उत्तराखंड की बेटियां आज खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूते हुए प्रदेश का नाम देश-विदेश में रोशन कर रही हैं। बदलते दौर में जहां बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, वहीं खेल जगत में भी उनका योगदान लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश की कई बेटियां न केवल खिलाड़ी के रूप में पहचान बना रही हैं बल्कि कोच और प्रशिक्षक बनकर नई पीढ़ी को भी आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हैं।
नैनीताल जिले में ऐसी ही तीन महिलाएं खेल क्षेत्र में प्रेरणादायक भूमिका निभा रही हैं। रशिका सिद्दीकी उपनिदेशक खेल के पद पर रहते हुए खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनके मार्गदर्शन में जिले के कई खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।इसी तरह पूनम सिरौला तैराकी प्रशिक्षक के रूप में उभरते तैराकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उनके प्रशिक्षण से कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं।
वहीं किरन मौर्या सेपक टकरा कोच के रूप में खिलाड़ियों को इस खेल की बारीकियां सिखा रही हैं और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रही हैं। उनके प्रशिक्षण से कई खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक भी हासिल किए हैं।
इन तीनों महिलाओं का कहना है कि यदि बेटियों को सही मार्गदर्शन, अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं। उनका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़ें और देश-प्रदेश का नाम रोशन करें। उत्तराखंड की इन बेटियों की उपलब्धियां अन्य लड़कियों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं और यह साबित कर रही हैं कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
