भारतीय सेना की शान IMA, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग का दर्जा

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देहरादून : भारतीय सैन्य अकादमी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उत्कृष्टता का प्रमाण बनी है। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर पासआउट हुए बांग्लादेश सहित विभिन्न मित्र देशों के युवा अधिकारियों ने भारतीय सैन्य अकादमी को विश्व का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण केंद्र बताया है। इन अधिकारियों ने भारत को अपना “सच्चा मित्र” बताते हुए कहा कि भारत न केवल सैन्य प्रशिक्षण में, बल्कि मानवीय मूल्यों, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के विकास में भी मिसाल है।

पासिंग आउट परेड के अवसर पर विदेशी अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आईएमए में मिला प्रशिक्षण उनके जीवन की दिशा बदलने वाला साबित हुआ। कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम, सख्त अनुशासन और राष्ट्रीय सेवा की भावना ने उन्हें एक जिम्मेदार और सक्षम सैन्य अधिकारी बनने के लिए तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यहां उन्हें केवल युद्ध कौशल ही नहीं, बल्कि नेतृत्व, भाईचारा और संकट के समय निर्णय लेने की क्षमता भी सिखाई गई।

बांग्लादेशी अधिकारियों ने विशेष रूप से भारत-बांग्लादेश के ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हमेशा संकट के समय उनके साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि आईएमए में बिताया गया समय उन्हें दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा और सहयोग संबंधों की अहमियत का एहसास कराता है। भविष्य में वे भारत की ओर बड़ी उम्मीदों से देखते हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए कार्य करेंगे।

अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान युवा अधिकारी अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा की भावना को आत्मसात करते हैं। यहां का कठोर लेकिन प्रेरणादायक माहौल उन्हें शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाता है। प्रशिक्षक अधिकारियों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन से कैडेट्स अपने संघर्ष और सफलता की कहानी स्वयं लिखते हैं।

भारतीय सैन्य अकादमी से पासआउट होना केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। आईएमए आज भी दुनिया भर के युवा अधिकारियों के सपनों को आकार दे रही है और भारत की सैन्य परंपरा, मित्रता और वैश्विक नेतृत्व की सशक्त पहचान के रूप में स्थापित है।

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