ऋषिकेश में अंतर महाविद्यालयी खो-खो प्रतियोगिता सम्पन्न

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ऋषिकेश : श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के अंतर्गत पंडित ललित मोहन शर्मा ऋषिकेश परिसर में 27 मार्च 2026 को अंतर महाविद्यालयी खो-खो प्रतियोगिता का भव्य और सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष वर्ग की कुल आठ टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर, कोटद्वार, अगस्त्यमुनि, एसएमजेएन महाविद्यालय हरिद्वार सहित मेजबान ऋषिकेश परिसर की टीमों ने हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, टीम भावना और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय दिया, जिससे मुकाबले बेहद रोमांचक रहे।

कड़े संघर्ष के बाद महिला और पुरुष दोनों वर्गों में पंडित ललित मोहन शर्मा ऋषिकेश परिसर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार की टीम उपविजेता रही।कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर राजीव लोचन आश्रम एवं ब्रह्मपुरी आश्रम के महंत हेग्रेवानंद महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम हैं, बल्कि यह अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करते हैं।

विशिष्ट अतिथि पूर्व विभागाध्यक्ष शारीरिक शिक्षा प्रोफेसर जगदीश बिष्ट ने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। परिसर निदेशक प्रोफेसर महावीर सिंह रावत ने सभी प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया।इस अवसर पर शारीरिक शिक्षा शिक्षक पुष्कर गौड़, डीन आर्ट प्रोफेसर प्रशांत सिंह रावत, डीन साइंस प्रोफेसर शांति प्रसाद सती, प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर हेमलता मिश्रा, प्रोफेसर अधीर कुमार, प्रोफेसर संगीता मिश्रा, प्रोफेसर बी. एन. गुप्ता, प्रोफेसर चतर सिंह नेगी, प्रोफेसर राकेश जोशी, प्रोफेसर सरमन आर्य, प्रोफेसर एन. के. शर्मा, प्रोफेसर मनोज यादव सहित विभिन्न महाविद्यालयों के टीम मैनेजर, कोच, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

समापन समारोह के दौरान परिसर निदेशक एवं शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की। यह प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने में सफल रही, बल्कि विभिन्न महाविद्यालयों के बीच आपसी समन्वय और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को भी मजबूत करने में सहायक सिद्ध हुई।

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