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केदारनाथ / रुद्रप्रयाग : बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह डोली के साथ पैदल मार्ग से गौरीकुंड से केदारनाथ धाम पहुंचे। उनके साथ बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण भी मौजूद रहे।

केदारनाथ प्रस्थान से पूर्व द्विवेदी ने गौरीकुंड स्थित गौरी माता मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद केदारनाथ पहुंचकर उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मंदिर समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इससे पूर्व सोमवार को बीकेटीसी अध्यक्ष ने यात्रा मार्ग पर स्थित विभिन्न विश्राम गृहों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने श्रीनगर (गढ़वाल) स्थित मां धारी देवी मंदिर में भी दर्शन किए। पंचमुखी डोली प्रथम पड़ाव फाटा से सेना के बैंडबाजों के साथ गौरीकुंड पहुंची थी और मंगलवार अपराह्न केदारनाथ धाम पहुंच गई।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। कपाट खुलने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मंदिर को 15 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने बताया कि मंदिर समिति और जिला प्रशासन द्वारा यात्रा को सुचारू बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा मार्ग पर विश्राम गृहों की स्थिति, ऑनलाइन पूजा बुकिंग प्रणाली और दर्शन व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने तीर्थयात्रियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और समाधान के निर्देश दिए।

द्विवेदी ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना समिति की प्राथमिकता है।बताया गया कि 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां 23 अप्रैल को प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर कपाट खोले जाएंगे। इस वर्ष चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।

इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, पंचमुखी डोली प्रभारी किशन त्रिवेदी, अखिलेश शुक्ला, पंचगाई व रांसी के हकहकूकधारी सहित मंदिर समिति के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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