मेरठ: कार हादसे में शहीद हुए मेजर शुभम सैनी, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
मेरठ: मेरठ से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। भारतीय सेना ने एक होनहार और कर्तव्यनिष्ठ युवा अधिकारी को खो दिया है। मेजर शुभम सैनी का चकराता क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। उनके पैतृक गांव घसौली ,रोहटा रोड, मेरठ में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, हर आंख नम थी और हर दिल गर्व व पीड़ा से भरा हुआ था।
मेजर शुभम सैनी का पार्थिव शरीर जब तिरंगे में लिपटकर उनके घर पहुंचा, तो माहौल बेहद भावुक हो गया। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। “शुभम सैनी अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों के बीच अंतिम विदाई दी गई। शहीद बेटे को अंतिम सलामी देते समय पिता सत्येंद्र सैनी खुद को संभाल नहीं पाए। वे स्वयं भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर सेवाएं दे चुके हैं।
परिजनों के अनुसार, शुभम बचपन से ही फौजी बनने का सपना देखा करते थे। पिता को सेना की वर्दी में देखकर उनके मन में भी देश सेवा की लौ जल उठी थी। पिता बताते हैं कि शुभम का लक्ष्य शुरू से ही स्पष्ट था देश की सेवा। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने इंटरमीडिएट के बाद राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण की। पुणे में तीन वर्षों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद वर्ष 2019 में देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी से पासिंग आउट परेड के साथ वे भारतीय सेना का हिस्सा बने।
बताया जा रहा है कि मेजर शुभम सैनी किसी आवश्यक कार्य से चकराता से देहरादून जा रहे थे। इसी दौरान एक वाहन को बचाने के प्रयास में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनका निधन हो गया। देहरादून से उनके निधन की सूचना परिजनों को मिली, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में कोहराम मच गया और मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
दुख की इस घड़ी को और भी पीड़ादायक बनाता है यह तथ्य कि फरवरी महीने में शुभम के छोटे भाई की शादी होनी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, खुशियों का माहौल था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वही घर तिरंगे में लिपटे बेटे का स्वागत करेगा। खुशियां मातम में बदल गईं।
मेजर शुभम सैनी के निधन से न केवल एक परिवार ने अपना जिगर का टुकड़ा खोया है, बल्कि भारतीय सेना ने भी एक समर्पित, अनुशासित और उज्ज्वल भविष्य वाले युवा अधिकारी को खो दिया है। उनका बलिदान और देश सेवा के प्रति उनका समर्पण सदैव याद रखा जाएगा। पूरा क्षेत्र, सेना और देश उनके योगदान को नमन करता है।
