ऋषिकेश में राज्य निर्माण सेनानियों की बैठक, चिह्नीकरण, मूल निवास और भू-कानून समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा

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ऋषिकेश : उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आईएसबीटी परिसर स्थित शहीद स्मारक भवन, ऋषिकेश में आयोजित की गई। बैठक में राज्य आंदोलनकारियों ने चिह्नीकरण, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, परिसीमन, सशक्त भू-कानून, मूल निवास और राज्य हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चिंतन-मंथन किया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जिन शहादतों और संघर्षों की बदौलत उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ, आज उन्हीं सपनों को सरकार द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी राज्य आंदोलनकारी आज तक चिह्नीकरण जैसी मूलभूत मांगों को लेकर संघर्ष करने को मजबूर हैं, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

वक्ताओं ने कहा कि मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं से दूर अपने-अपने कार्यों में व्यस्त हैं, जबकि आम जनता और राज्य आंदोलनकारियों की आवाज लगातार उपेक्षित हो रही है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड में वर्तमान समय में भ्रष्टाचार में लिप्त बताए जा रहे विधायकों और मंत्रियों की सूची आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व दिल्ली हाईकमान को भेजी जाएगी। इसके लिए सरकार और विपक्ष दोनों को जिम्मेदार ठहराया गया।

राज्य निर्माण सेनानियों ने सरकार से मांग की कि आंदोलनकारियों और आम जनता के हित में बनाए गए मानकों को शिथिल किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को उसका लाभ मिल सके।

बैठक में उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में प्रदेश में रेप, हत्या और जमीन कब्जाने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और पुलिस प्रशासन ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की तो राज्य निर्माण सेनानी सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

बैठक के अंत में प्रमुख राज्य आंदोलनकारी के.के. बिजलवान की पत्नी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

बैठक में मुख्य रूप से शहीद स्मारक समिति के अध्यक्ष डी.एस. गुसाईं, गंभीर मेवाड़, बलवीर सिंह नेगी, युद्धवीर सिंह चौहान, बेताल सिंह धनाई, राजेंद्र कोठारी, प्रेम सिंह रावत, हरि सिंह नेगी, मायाराम उनियाल, सीताराम भट्ट, बृजेश डोभाल, बिशम्बर तत्त्व डोभाल, श्रीमती रामेश्वरी चौहान, कुसुम लता शर्मा, लक्ष्मी बूढ़ाकोटी, उर्मिला डबराल, सुशीला पोखरियाल, सुशील राणा, विमल बहुगुणा, प्रेमा नेगी, राजेश्वरी बिष्ट, यशोदा नेगी, रविंदर कौर सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

बैठक की अध्यक्षता बलवीर सिंह नेगी तथा संचालन गंभीर मेवाड़ ने किया।

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