दून पुलिस की सतर्कता से अहमदनगर में मिला गुमशुदा बच्चा

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देहरादून: देहरादून में 10 वर्षीय नाबालिग बालक के घर से बिना बताए चले जाने के मामले में दून पुलिस ने तत्परता और समर्पण का परिचय देते हुए उसे सकुशल बरामद कर लिया। बालक को महाराष्ट्र के अहमदनगर से सुरक्षित वापस लाकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जिसके बाद परिवार ने भावुक होकर उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 10/11/2025 को वादी द्वारा कोतवाली नगर में प्रार्थना पत्र देकर बताया गया कि उनका 10 वर्षीय पुत्र घर से बिना बताए कहीं चला गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली नगर में तत्काल मु०अ०सँ०- 389/25 धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। चूंकि बालक के परिजन मूल रूप से बिहार राज्य के निवासी हैं और उसके बिहार जाने की संभावना जताई जा रही थी, इसलिए पुलिस टीम ने संभावित मार्गों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण शुरू किया।

सीसीटीवी जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिला, जिसमें बालक देहरादून रेलवे स्टेशन से लिंक एक्सप्रेस ट्रेन में अकेले बैठकर जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने ट्रेन के मार्ग में पड़ने वाले रेलवे स्टेशनों — हरिद्वार, मुरादाबाद और प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) — सहित अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हालांकि प्रारंभिक जांच में कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।

इसके पश्चात पुलिस ने ट्रेन के पूरे मार्ग और अन्य राज्यों के रेलवे स्टेशनों पर बालक के फोटोयुक्त पंपलेट चस्पा कराए और वितरित किए। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी गुमशुदा बालक की तलाश के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। विभिन्न राज्यों की स्थानीय पुलिस से समन्वय स्थापित कर सूचनाओं का आदान-प्रदान लगातार जारी रखा गया।लगातार किए जा रहे प्रयासों के फलस्वरूप पुलिस टीम को सूचना मिली कि बालक महाराष्ट्र के अहमदनगर में देखा गया है। सूचना मिलते ही एक विशेष टीम को तत्काल महाराष्ट्र रवाना किया गया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से अहमदनगर में तलाश अभियान चलाया गया, जहां पुलिस टीम ने बालक को सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस टीम बालक को सुरक्षित देहरादून लेकर पहुंची और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सकुशल वापस पाकर परिजन भावुक हो उठे और उन्होंने दून पुलिस की संवेदनशीलता, तत्परता और समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि उत्तराखंड पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में तत्पर है, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता के साथ आमजन की सुरक्षा के लिए भी पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।

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