नेपाली फार्म तिराहे पर आंदोलन तेज, शहीदों की प्रतिमा और पार्क नामकरण की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
नेपाली फार्म तिराहे स्थित निर्माणाधीन पार्क में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमा स्थापित करने और पार्क का नाम शहीदों के नाम पर रखने की मांग को लेकर संयुक्त क्षेत्रीय संघर्ष समिति का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। आंदोलन के 19वें दिन समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ऋषिकेश के नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
धरनास्थल पर सुबह से ही क्षेत्रीय प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगों को लेकर नाराजगी जताई।ग्राम प्रधान आशीष रांगड़ और जिला पंचायत प्रतिनिधि लालमणि रतूड़ी ने कहा कि सरकार को हठधर्मिता छोड़कर क्षेत्रवासियों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और राज्य आंदोलन के शहीदों को उचित सम्मान देना चाहिए।
वहीं वरिष्ठ आंदोलनकारी कृपाल सिंह रावत, देवी प्रसाद व्यास और मनोरथ प्रसाद ध्यानी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के लिए उन्होंने अपने युवा दिन समर्पित किए, लेकिन आज शहीदों को सम्मान न मिलना बेहद पीड़ादायक है।
कांग्रेस प्रदेश सचिव भगवती प्रसाद सेमवाल और महिला जिलाध्यक्ष अंशुल त्यागी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो पूरे प्रदेश में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के नेताओं ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो सचिवालय का घेराव किया जाएगा। जिला अध्यक्ष शीशपाल पोखरियाल ने बताया कि नेपाली फार्म तिराहा चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार है और इसे “चारधाम की प्रथम चट्टी” भी कहा जाता है। ऐसे में यहां शहीदों की स्मृति में “उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीद पार्क” बनाया जाना चाहिए।
स्थिति को देखते हुए नायब तहसीलदार धरनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने आंदोलनकारियों की मांगें सुनीं और ज्ञापन स्वीकार किया।
