ऋषिकेश में राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ
ऋषिकेश : ऋषिकेश की पावन धरती पर राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। हरिद्वार रोड स्थित जय राम आश्रम में आयोजित इस तीन दिवसीय महाकुंभ का शुभारंभ 23 फरवरी से हुआ, जिसमें देश-विदेश के नामी ज्योतिषाचार्य, विद्वान और साधक भाग ले रहे हैं। आयोजन में ज्योतिष शास्त्र से जुड़े समकालीन मुद्दों, चुनौतियों और उसके समाधान पर गहन चिंतन-मंथन किया जा रहा है।इस महाकुंभ का आयोजन काशी ज्योतिष संस्थान, रामनगर (वाराणसी) द्वारा किया गया है। कार्यक्रम के संस्थापक डॉ. आचार्य अंजन के मार्गदर्शन में आयोजित इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. एच. एस. रावत उपस्थित रहे।
महाकुंभ के विभिन्न सत्रों में ज्योतिष के वर्तमान परिदृश्य, वैज्ञानिक आधार, सामाजिक महत्व तथा डिजिटल युग में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ज्योतिष केवल भविष्यवाणी की विद्या नहीं है, बल्कि यह जीवन को दिशा देने वाला एक सशक्त माध्यम है। आधुनिक समय में इसे शोध, प्रमाणिकता और सकारात्मक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।मुख्य अतिथि डॉ. एच. एस. रावत ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में ज्योतिष “ग्रहण काल” से गुजर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बिना पर्याप्त ज्ञान के बनाए जा रहे वीडियो, रील्स और व्यावसायिक ऐप्स पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लाइक और व्यूज की होड़ में अधूरी और भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही है, जिससे समाज में भ्रम फैल रहा है और ज्योतिष की गरिमा को ठेस पहुंच रही है। उन्होंने ऐसे प्रयासों का कड़ा विरोध करते हुए इसे समाज और ज्योतिष दोनों के लिए घातक बताया।
महाकुंभ के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर भी बल दिया कि डिजिटल युग में ज्योतिष के वैज्ञानिक पक्ष को प्रमाणिक शोध और व्यवस्थित अध्ययन के माध्यम से मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि यह विद्या नई पीढ़ी तक सही स्वरूप में पहुंच सके।गौरतलब है कि इससे पूर्व राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ के तीन सफल आयोजन वाराणसी और प्रयागराज में संपन्न हो चुके हैं। ऋषिकेश में आयोजित यह चौथा महाकुंभ है, जो आध्यात्मिक वातावरण के बीच ज्योतिष विद्या के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
