गुजरात सड़क हादसे में नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट अंशु राठौड़ का निधन

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गुजरात/राजस्थान : भारतीय नौसेना की एक युवा और होनहार महिला अधिकारी लेफ्टिनेंट अंशु राठौड़ के असामयिक निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। 23 वर्षीय अंशु राठौड़ का गुजरात के जामनगर में एक भीषण सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। वह मूल रूप से राजस्थान के डीडवाना जिले के बिठुड़ा गांव की निवासी थीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा 5 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे हुआ। लेफ्टिनेंट अंशु राठौड़ पुणे में अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपनी अगली तैनाती के लिए INS वलसुरा (जामनगर) जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में उनकी कार की दूसरी गाड़ी से जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि अंशु को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार में उनके साथ मौजूद दो अन्य अधिकारी इस हादसे में सुरक्षित बच गए।

अंशु राठौड़ का उनके पैतृक गांव बिठुड़ा में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। जब उनके छोटे भाई भूपेश सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने पूरे सम्मान के साथ तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को अंतिम सलामी दी और तिरंगा उनके पिता किशन सिंह को सौंपा। यह क्षण बेहद भावुक कर देने वाला था।अंशु राठौड़ के पिता किशन सिंह ने बताया कि उनका परिवार पिछले पांच पीढ़ियों से सेना से जुड़ा रहा है। हालांकि, अंशु उनके परिवार की पहली बेटी थीं, जिन्होंने नौसेना में अधिकारी बनकर एक नया इतिहास रचा। उन्होंने वर्ष 2024 में अपने पहले ही प्रयास में सब-लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त किया था और अपनी मेहनत व समर्पण से देश सेवा का सपना पूरा किया था।

लेफ्टिनेंट अंशु राठौड़ का यूं अचानक चला जाना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी बहादुरी, समर्पण और देशभक्ति हमेशा याद की जाएगी।

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