गंगा तट के पास विकसित होगा नया पर्यटन स्थल
ऋषिकेश : नमामि गंगे योजना के तहत खदरी क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। गंगा तटीय क्षेत्र के समीप स्थित खाली पड़े तालाबों को अब बर्ड वाचिंग प्वाइंट के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल जैव विविधता का संरक्षण होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत जिला गंगा संरक्षण समिति के उपाध्यक्ष एवं मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह ने 26 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पास स्थित इन तालाबों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में नमामि गंगे क्रियान्वयन समिति के नामित सदस्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. विनोद प्रसाद जुगलान भी शामिल रहे।
डॉ. जुगलान ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से इन अनुपयोगी तालाबों के सदुपयोग का सुझाव देते आ रहे हैं। उनके अनुसार, इस क्षेत्र में बर्ड वाचिंग प्वाइंट के साथ-साथ राज्य स्तरीय मत्स्य पालन प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना और ट्रीटेड वाटर के उपयोग हेतु रिफिलिंग सेंटर विकसित किए जाने की भी संभावनाएं हैं। जिलाधिकारी देहरादून के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने संयुक्त निरीक्षण के बाद जिला पर्यटन अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय को इस स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बुधवार को मौके पर संबंधित अधिकारियों को बुलाकर निरीक्षण किया गया, जिसमें प्रथम चरण में बर्ड वाचिंग प्वाइंट विकसित करने का निर्णय लिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जिला पर्यटन अधिकारी सहित पेयजल निगम (अनुरक्षण एवं निर्माण इकाई गंगा) के परियोजना प्रबंधक को निर्देशित किया कि न्यूनतम लागत में अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली विकास योजना का खाका तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही इस परियोजना को लेकर एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि सभी विभागों के बीच समन्वय बना रहे और कार्यों में तेजी लाई जा सके।
डॉ. जुगलान ने इस परियोजना को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग और गंगा तट के समीप स्थित है, जिससे इसे प्रकृति और पर्यावरण आधारित पर्यटन के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। इससे न केवल राज्य स्तरीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान जिला पर्यटन अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय, जिला गंगा संरक्षण समिति के परियोजना अधिकारी रविकांत पाण्डेय, पेयजल निगम के परियोजना प्रबंधक संजीव कुमार वर्मा, सहायक अभियंता पवन कुमार तथा जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता अशोक सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
