लक्ष्मण मंदिर में रामनवमी धूमधाम से मनाई गई
ऋषिकेश : तपोवन स्थित लक्ष्मण झूला रोड पर लक्ष्मण महाराज मंदिर में रामनवमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संतों, श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। गौ गंगा समिति के सचिव राम वल्लभ भट्ट, जो तपोवन निवासी हैं और सामाजिक व धार्मिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, ने बताया कि कार्यक्रम में जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी दयाराम देवाचार्य महाराज, महंत लोकेश दास, महंत गोपाल दास महाराज, दामोदर प्रभु, प्रभु मनोज प्रपन्नाचार्य सहित अनेक संतों ने भाग लेकर रामनवमी उत्सव को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
इस पावन अवसर पर राम वल्लभ भट्ट द्वारा लक्ष्मण मंदिर के महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य को आदि कवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण की प्रति भेंट की गई। साथ ही ऋषिकेश की पूर्व महापौर अनिता ममगाईं को भी रामायण भेंट कर सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का संदेश दिया गया। कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा देने वाला महाकाव्य है। उन्होंने बताया कि संस्कृत में रचित रामायण को ‘आदिकाव्य’ कहा जाता है और इसके रचयिता महर्षि वाल्मीकि ‘आदिकवि’ के रूप में विख्यात हैं। यह ग्रंथ मानव जीवन के आदर्शों, कर्तव्यों और मूल्यों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य, महंत लोकेश दास, महंत गोपाल दास और महंत विजय सारस्वत ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य श्री लक्ष्मण मंदिर के महंत पद पर आसीन हुए, जिसके बाद से मंदिर में निरंतर धार्मिक अनुष्ठानों और आयोजनों की परंपरा और अधिक सुदृढ़ हुई है।
हर वर्ष की भांति इस बार भी रामनवमी के अवसर पर मंदिर में भव्य आयोजन किया गया, जिसमें संत समाज, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में भंडारा प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।मंदिर के महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य द्वारा प्रतिवर्ष संत समाज का सम्मान किया जाता है, जिससे धार्मिक और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आनंद का वातावरण देखने को मिला।
