टिहरी में ग्राम्य विकास और स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

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टिहरी गढ़वाल : जनपद टिहरी गढ़वाल में ग्राम्य विकास, स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के मंत्री भरत सिंह चौधरी ने की। इस दौरान जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने मंत्री भरत चौधरी, विधायक किशोर उपाध्याय और विधायक शक्तिलाल शाह का शाल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

बैठक में मंत्री भरत चौधरी ने जनपद में संचालित स्वरोजगार और ग्रामीण विकास योजनाओं की सराहना करते हुए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न उत्पादन इकाइयों में प्रशिक्षित महिलाओं को प्राथमिकता प्रदान की जाए ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि स्कूल ड्रेस और अन्य संस्थानों के यूनिफॉर्म निर्माण का कार्य बड़े स्तर पर शुरू किया जा सकता है, जिसमें पुरुष क्राफ्ट्समैन कटिंग का कार्य करें और महिलाएं सिलाई व फिनिशिंग का जिम्मा संभालें। इसके लिए नई उत्पादन इकाइयों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए।

मंत्री ने जनपद में कीवी की खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यह किसानों की आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम बन सकता है। उन्होंने मालू के पत्तों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कहते हुए सुझाव दिया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर भोजन को ताजे मालू पत्तों की प्लेटों में परोसा जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने प्लम आधारित उत्पादों और प्लम ऑयल यूनिट्स की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि प्लम ऑयल का निर्यात विदेशों तक होता है और इससे किसानों को अच्छा लाभ मिल सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मिलने वाला लिंगड़ा पूरी तरह ऑर्गेनिक है, जिसकी वैश्विक स्तर पर मांग बढ़ रही है। मंत्री ने बुरांश के रस को बिना चीनी और पानी मिलाए तैयार कर आकर्षक पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन के साथ बाजार में उतारने पर भी जोर दिया।

बैठक में मंत्री ने बेकरी उद्योग को स्वरोजगार का बड़ा माध्यम बताते हुए काउंटर सेल व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पशुपालन क्षेत्र में अपार संभावनाएं बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की बात कही।

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत जनपद में अब तक 23,848 लखपति दीदी तैयार की जा चुकी हैं। इसके अलावा कृषि एवं गैर-कृषि आधारित उद्यमों से 25,880 सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने ‘मेरा ब्लॉक, मेरी योजना’ के तहत प्रत्येक विकासखंड में स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए जाने, अल्ट्रापुअर पैकेज के अंतर्गत पशुपालन, सिलाई, जनरल स्टोर जैसी गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमशील योजना, दीनदयाल ग्रामीण कौशल योजना, पलायन रोकथाम योजना और पीएम आवास योजना के तहत किए गए कार्यों का भी विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से जनपद में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भिलंगना विकासखंड में मसाला उत्पादन यूनिट, चंबा में सब्जी उत्पादन और पारंपरिक खेती, थौलधार में हर्बल टी, मशरूम और मत्स्य पालन, नरेंद्रनगर में ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, जौनपुर में बेकरी और प्लम मिशन तथा प्रतापनगर में पोल्ट्री, डेयरी और धूप उत्पादन जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

बैठक में राज्य मंत्री खेम सिंह चौहान, बीजेपी जिलाध्यक्ष उदय रावत, चंबा नगर पालिका अध्यक्ष शोभनी धनोला, पूर्व विधायक विजय सिंह पंवार, बीजेपी मीडिया प्रभारी राजेंद्र डोभाल, युवा मोर्चा अध्यक्ष मनीष राणा, एसडीएम कमलेश, उद्यम विभाग की शैली डबराल सहित सभी बीडीओ और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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