उत्तराखंड के 25 वर्षों की विकास यात्रा को जीवंत रूप में किया प्रदर्शित
देहरादून: राज्य सूचना विभाग की झांकी ने राजधानी देहरादून में आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान प्राप्त कर एक बार फिर अपनी रचनात्मकता और प्रभावशाली प्रस्तुति का लोहा मनवाया। “रजत जयंती एवं शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन” की थीम पर आधारित इस झांकी ने उत्तराखंड के गठन के 25 वर्षों की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों और निर्णायक मंडल से भरपूर सराहना मिली।
झांकी के माध्यम से उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राज्य की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और विकासशील स्वरूप को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। इसमें राज्य की प्रमुख धार्मिक परंपराओं, तीर्थाटन और पर्यटन को विशेष रूप से उकेरा गया। शीतकालीन धार्मिक यात्रा के अंतर्गत गंगा और यमुना नदी के शीतकालीन प्रवास स्थलों—मुखबा और खरसाली—में स्थित मंदिरों को प्रमुखता से दर्शाया गया, जिससे शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के प्रयासों की झलक देखने को मिली।
झांकी में उत्तराखंड की पर्यटन संभावनाओं के साथ-साथ आयुर्वेद, योग और वेलनेस पर्यटन को भी रेखांकित किया गया। इसके अलावा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाली होम स्टे योजना को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जो स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने और पर्यटकों को पहाड़ की संस्कृति से रूबरू कराने का सशक्त माध्यम बन रही है।
राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा को दर्शाते हुए झांकी में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में हुई प्रगति को भी कलात्मक प्रतीकों के माध्यम से दिखाया गया। पारंपरिक लोक कला, सांस्कृतिक प्रतीकों और आधुनिक विकास के समन्वय ने झांकी को और भी आकर्षक बना दिया।
गणतंत्र दिवस परेड में शामिल इस झांकी ने न केवल उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया, बल्कि राज्य सरकार की विकासोन्मुखी सोच और भविष्य की योजनाओं का भी सशक्त संदेश दिया। लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान प्राप्त करना सूचना विभाग की टीम की कड़ी मेहनत, रचनात्मकता और समर्पण का प्रमाण है, जिस पर पूरे प्रदेश को गर्व है।
