चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ बढ़ी आस्था की रौनक
उत्तरकाशी : चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा (मुखीमठ) से गंगोत्री धाम के लिए विधिवत रवाना हो गई। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा की डोली को सजाया गया और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद यात्रा प्रारंभ की गई।
सुबह से ही मुखवा गांव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। स्थानीय लोगों, तीर्थ पुरोहितों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मां गंगा की डोली की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। डोली यात्रा के दौरान भक्त “जय मां गंगे” के जयकारों के साथ भावविभोर नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों के साथ डोली को गंगोत्री धाम के लिए विदा किया गया।
इस अवसर पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों ने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से पूर्व डोली वहां पहुंचेगी, जिसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना कर मां गंगा की मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
चारधाम यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में इस डोली यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि मां गंगा शीतकाल में मुखवा में निवास करती हैं और ग्रीष्मकाल में गंगोत्री धाम में विराजमान होती हैं। डोली के गंगोत्री पहुंचने के साथ ही हजारों श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। इस पावन अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने मां गंगा से प्रदेश और देश की सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।
