त्रिवेणी घाट पर दर्दनाक हादसा गंगा में बहा देहरादून का किशोर, सर्च अभियान जारी
ऋषिकेश : देहरादून से अपने मित्रों के साथ घूमने आए एक किशोर के त्रिवेणी घाट पर गंगा नदी में स्नान के दौरान तेज धारा में बह जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा राहत दल ने मौके पर पहुंचकर गहन सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किशोर का कोई सुराग नहीं लग पाया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देहरादून निवासी चार दोस्त अपने घरों से मंदिर जाने की बात कहकर ऋषिकेश पहुंचे थे। त्रिवेणी घाट पर स्नान करते समय उनमें से एक किशोर का चश्मा गंगा नदी में गिर गया। चश्मा पकड़ने के प्रयास में किशोर गहरे पानी की ओर बढ़ गया और अचानक गंगा की तेज धारा की चपेट में आ गया। देखते ही देखते वह बहने लगा और कुछ दूरी पर जाकर नदी में डूब गया।
घाट पर तैनात रेस्क्यू कर्मियों ने शोर सुनते ही तुरंत गंगा में छलांग लगाकर युवक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ ढालवाला की डीप डाइविंग टीम मौके पर पहुंची और नदी में सघन खोज अभियान शुरू किया गया। गंगा का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि घटना की जानकारी किशोर के परिजनों को दे दी गई है और वे भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। एसडीआरएफ, जल पुलिस एवं आपदा राहत दल लगातार संयुक्त रूप से खोज एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।
डूबने वाले किशोर की पहचान आयुष थापा (17 वर्ष) पुत्र सुनील थापा, निवासी ओल्ड कनॉट प्लेस, चकराता रोड, देहरादून के रूप में हुई है।
घटना के बाद प्रशासन और एसडीआरएफ ने श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की है कि गंगा नदी में केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी प्रकार का अनावश्यक जोखिम न लें। साथ ही अभिभावकों से बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील भी की गई है, ताकि इस प्रकार की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
