यूकेडी नेता मोहन सिंह असवाल बोले “पहाड़ों में नेटवर्क नहीं, वर्क फ्रॉम होम कैसे होगा?”
पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत करने और बिजली बिल आधा करने की उठाई मांग
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के उत्तराखंड उपाध्यक्ष मोहन सिंह असवाल ने प्रधानमंत्री के वर्क फ्रॉम होम और ईंधन बचत संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह व्यवस्था केवल मेट्रो शहरों में ही प्रभावी हो सकती है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के कई गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी नेटवर्क और इंटरनेट की गंभीर समस्या बनी हुई है। ऐसे में लोगों के लिए घर से काम करना आसान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय पार्टियों ने वर्षों में उत्तराखंड का अपेक्षित विकास नहीं किया, जिसके कारण बुनियादी सुविधाएं आज भी अधूरी हैं।
मोहन सिंह असवाल ने कहा कि यदि ईंधन की बचत करनी है तो जापान की तर्ज पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। इससे ईंधन की खपत कम होगी और ट्रैफिक व प्रदूषण पर भी नियंत्रण लगेगा।
उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि उत्तराखंड ऊर्जा प्रदेश कहलाता है, इसलिए यहां बिजली के बिल आधे किए जाने चाहिए और पानी के बिल माफ होने चाहिए। तभी आम जनता इलेक्ट्रिक वाहनों और नई योजनाओं को सही तरीके से अपना पाएगी।
उन्होंने सरकार से राज्य में बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था विकसित करने की मांग भी की।
