खच्चरों के गोबर से बन रही बायोगैस, कटड़ा में अनोखी पहल
कटड़ा / जम्मू : माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल की जा रही है। कटड़ा में स्थापित बायोगैस प्लांट के माध्यम से खच्चरों के गोबर से गैस का उत्पादन किया जा रहा है, जो कचरा प्रबंधन का एक उत्कृष्ट मॉडल बनकर उभरा है।
वर्ष 2012 में स्थापित इस बायोगैस प्लांट में प्रतिदिन लगभग 4000 किलोग्राम खच्चरों का गोबर एकत्र किया जाता है। इस जैविक अपशिष्ट से रोजाना करीब 700 से 750 किलोग्राम बायोगैस का उत्पादन किया जा रहा है। इस गैस का उपयोग विभिन्न कार्यों में किया जाता है, जिससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम हो रही है।
श्राइन बोर्ड की यह पहल न केवल स्वच्छता बनाए रखने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। खच्चरों के गोबर का सही तरीके से निस्तारण कर प्रदूषण को कम किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इससे उत्पन्न बायोगैस स्वच्छ ऊर्जा के रूप में उपयोग में लाई जा रही है।
इस परियोजना से कटड़ा क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर हुई है और आसपास के पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल अन्य तीर्थ स्थलों और शहरों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकती है, जहां जैविक कचरे का प्रभावी प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है।
कुल मिलाकर, माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का यह प्रयास स्वच्छ भारत मिशन, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास की दिशा में एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करता है।
