ब्रिटेन में फंसे उत्तराखंड के कैप्टेन कैलाश पंत, सरकार हरकत में
रामनगर/देहरादून: ब्रिटेन में न्यायिक हिरासत में बंद उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर निवासी कैप्टन अजय पंत के मामले में भारतीय हाई कमीशन सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप के बाद भारतीय उच्चायोग ने पुष्टि की है कि कैप्टन अजय पंत फिलहाल एचएमपी विनचेस्टर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं और उन्हें आवश्यक कांसुलर (दूतावास) सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
भारतीय हाई कमीशन के अनुसार, 19 जून 2026 को जेल की टेलीफोन प्रणाली के माध्यम से कैप्टन अजय पंत से संपर्क स्थापित किया गया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है और जेल प्रशासन की ओर से आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे नियमित रूप से अपनी पत्नी ऋतु पंत के संपर्क में हैं।
उच्चायोग ने जानकारी दी कि वह कैप्टन पंत की पत्नी ऋतु पंत, उनके नियोक्ता एनर्जियोस मैरीटाइम प्राइवेट लिमिटेड, कानूनी प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। कंपनी ने भी कैप्टन पंत को पूर्ण कानूनी सहायता और उनके परिवार को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय हाई कमीशन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि कैप्टन अजय पंत को हर आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराई जा सके।
38 वर्षीय कैप्टन अजय पंत अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकर MV Smyrtos के कप्तान थे। यह जहाज 4 जून 2026 को रूस के उस्त-लूगा टर्मिनल से लगभग 1,01,400 टन उराल क्रूड ऑयल लेकर गुजरात के सिक्का पोर्ट के लिए रवाना हुआ था। 14 जून को इंग्लिश चैनल से गुजरते समय ब्रिटिश रॉयल मरीन कमांडो ने हेलीकॉप्टर की सहायता से जहाज पर उतरकर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद जहाज और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई।
ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) का आरोप है कि यह जहाज रूस की कथित “शैडो फ्लीट” का हिस्सा था। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को दरकिनार कर रूसी तेल के परिवहन के लिए किया जाता है।
कैप्टन अजय पंत पर Russia (Sanctions) Regulations 2019 के नियम 46Z9B के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि उन्होंने प्रतिबंधित रूसी तेल या तेल उत्पादों की प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आपूर्ति में भूमिका निभाई। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अभी अदालत को करना है।
ब्रिटिश अदालत में पेशी के बाद कैप्टन अजय पंत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। यदि अदालत में आरोप सिद्ध होते हैं तो ब्रिटिश कानून के तहत उन्हें अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है। हालांकि, फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।
कैप्टन अजय पंत के मामले पर उत्तराखंड के साथ-साथ देशभर की नजरें टिकी हैं। परिवार को उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया के दौरान उन्हें न्याय मिलेगा, जबकि भारतीय हाई कमीशन और भारत सरकार लगातार उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं।
