लेखक गांव में गूंजा गंगा संरक्षण का संकल्प, शिक्षकों और बाल गंगा प्रहरियों का सम्मान

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डोईवाला : डोईवाला क्षेत्र के लेखक गांव में आयोजित स्पर्श गंगा महोत्सव में मुख्य वक्ता एवं प्रख्यात पर्यावरणविद् प्रभूषण अनिल जोशी ने कहा कि गंगा संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। उन्होंने कहा कि जब तक आम नागरिक पर्यावरण के प्रति संवेदनशील नहीं होगा, तब तक गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखना संभव नहीं है।

अनिल जोशी ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवनशैली की प्रतीक है। इसके संरक्षण के लिए जल स्रोतों की रक्षा, स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और जल संरक्षण जैसे प्रयासों में सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों से गंगा संरक्षण आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 10 शिक्षकों को शिक्षा के माध्यम से गंगा एवं पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए “स्पर्श गंगा शिक्षाश्री पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रदेश भर से आए सैकड़ों बाल गंगा प्रहरी, हरि एवं गंगा प्रहरियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

स्पर्श गंगा महोत्सव में गंगा संरक्षण से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता प्रस्तुतियां और संवाद सत्र भी आयोजित किए गए। आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को गंगा संरक्षण के प्रति जागरूक करना और जनभागीदारी को मजबूत करना है।

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