शुरुआती मैचों में फ्लॉप, फाइनल में हीरो बने अभिषेक शर्मा

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नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में उनका बल्ला खामोश रहा, जिससे आलोचकों ने उनके चयन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। हालांकि, फाइनल मुकाबले में अभिषेक ने शानदार वापसी करते हुए अर्धशतक जड़ा और भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई।फाइनल मैच में अभिषेक शर्मा ने दबाव भरे माहौल में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उनकी इस पारी ने न केवल टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी। मैच के बाद अभिषेक ने कहा कि यह पारी उनके करियर की सबसे खास पारियों में से एक रहेगी।

अभिषेक ने अपने खराब दौर को याद करते हुए कहा कि शुरुआती मैचों में रन न बन पाने से वह मानसिक रूप से काफी दबाव में आ गए थे। इस कठिन समय में उन्हें तीन खास लोगों का भरपूर समर्थन मिला, जिसने उन्हें टूटने नहीं दिया। उन्होंने बताया कि टीम के कप्तान, कोच और उनके परिवार ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया और उन पर भरोसा जताया।

उन्होंने कहा, “जब आप खराब फॉर्म से गुजरते हैं, तब असली परीक्षा होती है। ऐसे समय में सही लोगों का साथ मिलना बहुत जरूरी होता है। कप्तान और कोच ने मुझसे कहा कि अपने खेल पर भरोसा रखो, मौके जरूर आएंगे। वहीं, परिवार ने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया।”वर्ल्ड कप से मिली सबसे बड़ी सीख के बारे में अभिषेक शर्मा ने कहा कि धैर्य और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट में हर खिलाड़ी को दबाव का सामना करना पड़ता है, लेकिन जो खिलाड़ी खुद पर विश्वास बनाए रखते हैं, वही अंत में सफल होते हैं।

अभिषेक ने आगे कहा, “मैंने सीखा कि हालात चाहे जैसे भी हों, आपको अपने प्रोसेस पर भरोसा रखना चाहिए। एक अच्छा दिन सब कुछ बदल सकता है, और मेरे लिए वह दिन फाइनल था।”अभिषेक शर्मा की इस शानदार वापसी ने न सिर्फ भारत को खिताब दिलाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि कठिन समय में धैर्य और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी खिलाड़ी के लिए वापसी संभव है।

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