उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम: प्रवासी पंचायतों से जुड़ेगा प्रवासी उत्तराखंडी समाज
देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य से बाहर रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों को उनकी जड़ों से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्यभर में प्रवासी पंचायतों के आयोजन के निर्देश दिए हैं। इन पंचायतों के माध्यम से प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, आप्रवासन से जुड़ी नीतियों और सफल घर-वापसी की कहानियों से अवगत कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग देश-विदेश में अपनी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा के लिए पहचाने जाते हैं। अब समय है कि उन्हें राज्य के विकास से और अधिक जोड़ा जाए। प्रवासी पंचायतों में सरकार द्वारा स्वरोजगार, उद्यमिता, पर्यटन, कृषि और स्टार्टअप से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि प्रवासी अपने अनुभव और पूंजी के साथ उत्तराखंड लौटकर यहां रोजगार सृजन में भागीदार बन सकें।
सरकार प्रवासी उत्तराखंडियों को घर वापसी के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कई योजनाएं संचालित कर रही है। इनमें स्वरोजगार शुरू करने पर ऋण में सब्सिडी, तकनीकी प्रशिक्षण, मार्केटिंग सहायता और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना शामिल है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवासियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना जाए और उनकी जरूरतों के अनुरूप नीतियों में सुधार किया जाए।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने एक और बड़ी घोषणा की है। पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व वाले त्रियुगीनारायण की तर्ज पर राज्य में 25 नए वेडिंग डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। इन वेडिंग डेस्टिनेशनों के माध्यम से न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। होटल, होम-स्टे, परिवहन, सजावट और स्थानीय उत्पादों से जुड़े लोगों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाना है और इसमें प्रवासी उत्तराखंडियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार उनके अनुभव, संसाधन और भावनात्मक जुड़ाव को विकास की धारा में शामिल कर उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहती है
