महामृत्युंजय महादेव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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चमोली : पिंडर घाटी के नारायणबगड़ क्षेत्र स्थित असेड में बैसाखी पर्व के अवसर पर आयोजित पारंपरिक कोथिग (मेला) इस वर्ष भी भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास के रंग में सराबोर नजर आया।

महामृत्युंजय महादेव मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दराज़ गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंजते मंदिर परिसर में भक्तों की आस्था साफ झलक रही थी। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, मेले की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना और गंगा स्नान के साथ की गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर में धूप, अगरबत्ती, नारियल और चुनरी अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं।

यह पारंपरिक मेला बैसाखी मास के चौथे दिन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है और क्षेत्रीय आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में इसमें भाग लेते हैं, जिससे यह आयोजन सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बन जाता है।

मेले में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ मनोरंजन के भी पर्याप्त साधन देखने को मिले। बच्चों के लिए लगे झूले और रंग-बिरंगे खिलौनों की दुकानें आकर्षण का केंद्र रहीं, जहां छोटे-छोटे बच्चे उत्साह के साथ मेले का आनंद लेते दिखाई दिए। वहीं, पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू ने पूरे मेला परिसर को महका दिया। जलेबी, पकौड़ी, हलवा समेत स्थानीय पकवानों का स्वाद लेने के लिए दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। ग्रामीणों का कहना है कि असेड का यह कोथिग मेला न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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