मशरूम गांव से रूकेगा पलायन, युवाओं को मिलेगा रोजगार नौकराग्रंट में मुख्यमंत्री ने मशरूम गांव का किया शुभारंभ

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बुग्वाला/ हरिद्वार : उत्तराखंड में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और पलायन पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नौकराग्रट क्षेत्र में “मशरूम ग्राम परियोजना” का शुभारंभ करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार गांवों और बस्तियों में रोजगार के नए साधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस पहल से युवाओं और महिलाओं को अपने ही गांव में रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन पर अंकुश लगेगा और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बागवानी और कृषि से जुड़े नवाचारों के क्षेत्र में उत्तराखंड की पहचान देशभर में लगातार मजबूत होती जा रही है। मशरूम ग्राम परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक आय देने वाला व्यवसाय है, जिससे सीमित संसाधनों वाले किसान भी लाभ कमा सकते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों को इससे आर्थिक मजबूती मिलेगी और महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी। प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और विपणन सुविधा उपलब्ध कराकर सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उत्पादित मशरूम को उचित बाजार और सही मूल्य मिले।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है। मशरूम ग्राम परियोजना न केवल रोजगार सृजन का माध्यम बनेगी, बल्कि पोषण सुरक्षा और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी लाभकारी होगी। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में इस तरह की परियोजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड के गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और युवाओं को अपने भविष्य के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। यह पहल राज्य के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

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