आपदा प्रबंधन में मॉडल बनेंगे उत्तराखंड समेत 20 राज्यों के 20 गांव
नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्से अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते रहे हैं। कहीं बाढ़ का प्रकोप है तो कहीं सूखा, भूकंप, भूस्खलन, तटीय क्षरण या नदियों के कटाव जैसी चुनौतियां लोगों के जीवन और आजीविका को प्रभावित करती हैं। इन्हीं आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत उत्तराखंड समेत देश के 20 राज्यों के 20 गांवों को आपदा प्रबंधन के मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक स्पष्ट विजन प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन का सबसे मजबूत मोर्चा गांव स्तर पर होना चाहिए, क्योंकि किसी भी प्राकृतिक आपदा का पहला और सीधा असर गांवों पर ही पड़ता है। यदि गांवों को पहले से ही आपदाओं के प्रति तैयार और सक्षम बना दिया जाए, तो जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
गृह मंत्री के विजन के तहत उन गांवों का चयन किया गया है, जो बाढ़, सूखा, भूकंप, भूस्खलन, तटीय क्षरण और नदियों के कटाव जैसी छह प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं से सबसे अधिक प्रभावित रहते हैं। इन गांवों में आपदा से पहले तैयारी, आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया और आपदा के बाद पुनर्वास की मजबूत व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इस योजना को प्रभावी रूप देने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण , राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे। गांव स्तर पर आपदा प्रबंधन समितियों का गठन, स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण, आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली, सुरक्षित आश्रय स्थल, राहत व बचाव संसाधनों की उपलब्धता और सामुदायिक भागीदारी को इस मॉडल का मुख्य आधार बनाया जाएगा।
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य, जहां भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ की आशंका बनी रहती है, वहां यह पहल विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल गांवों में सफल होता है, तो भविष्य में इसे देश के अन्य आपदा संभावित क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की यह पहल देश में आपदा प्रबंधन को प्रतिक्रिया आधारित व्यवस्था से तैयारी आधारित व्यवस्था की ओर ले जाने का एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे आपदाओं के प्रभाव को कम करने और जन-जीवन को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
