खबर शेयर करें -

देहरादून/पौड़ी गढ़वाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित नयार वैली फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ किया। इस महोत्सव के साथ ही नयार घाटी की पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाओं को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नयार घाटी प्राकृतिक सौंदर्य और एडवेंचर टूरिज्म की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध क्षेत्र है, जिसे राज्य सरकार सुनियोजित विकास के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगी।

मुख्यमंत्री ने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकासखंड पोखड़ा में रसलवाँण दीवा मंदिर, बीरोंखाल में कालिंका मंदिर, एकेश्वर में एकेश्वर महादेव मंदिर और पाबौ में चम्पेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों को स्वीकृति देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की लाभार्थी करिश्मा और सलोनी को महालक्ष्मी किट प्रदान की तथा योगिता की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई। समाज कल्याण विभाग के लाभार्थियों तुलसीदास और बीरेन्द्र को दिव्यांग उपकरण भी वितरित किए गए।उन्होंने महिला समूहों, स्थानीय नागरिकों, साइक्लिस्टों और एंगलरों से संवाद कर उनके अनुभव सुने और उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग, जिपलाइन, बर्मा ब्रिज और रिवर्स बंजी सहित विभिन्न साहसिक गतिविधियों का फ्लैग ऑफ कर औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद पौड़ी के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है। श्रीनगर में 650 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) का निर्माण कार्य प्रगति पर है। खोह नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है।

इसके अलावा गढ़िया गांव में प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, कोटद्वार में 11 करोड़ रुपये की लागत से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट, मालन नदी पर पुल निर्माण, पौड़ी के ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट भवन का हेरिटेज संरक्षण, सतपुली में सिंचाई निरीक्षण भवन निर्माण, कोटद्वार में खेल सुविधाओं का विस्तार और 50 बेड के आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण कार्य जारी है।सीडीएस पार्क में विशाल तिरंगा, विज्ञान संग्रहालय, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील, 20 करोड़ रुपये की लागत से माउंटेन म्यूजियम और तारामंडल जैसी परियोजनाएं भी भविष्य में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 दिसंबर 2025 से शुरू किए गए “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत प्रशासनिक टीमें प्रत्येक न्याय पंचायत में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही हैं और योजनाओं का लाभ सीधे उनके घर तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि नयार वैली फेस्टिवल उत्तराखंड को देश-विदेश में प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन आधारभूत संरचना और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।विधायक राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह महोत्सव पौड़ी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने चिनवाड़ी डांडा पेयजल योजना की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और फेस्टिवल को स्थायी रूप से आयोजित किए जाने का अनुरोध किया।

बिलखेत में जिला प्रशासन द्वारा एक ही मंच पर 10 पृथक गतिविधियों का सफल संचालन किया गया। सांस्कृतिक, रोमांचक और जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों से सुसज्जित इस आयोजन ने प्रशासन की समन्वित कार्यप्रणाली और उत्कृष्ट व्यवस्थापन क्षमता का परिचय दिया।इस अवसर पर उत्तराखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अणथ्वाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख कल्जीखाल गीता देवी, प्रमुख द्वारीखाल बीना राणा, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने अंत में सभी प्रदेशवासियों को होली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नयार घाटी आने वाले समय में विकास, रोजगार और सांस्कृतिक पहचान का नया अध्याय है।

Ad