विद्या सबसे बड़ा आभूषण, शिक्षा से संस्कार और आत्मनिर्भरता सीएम धामी

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यमकेश्वर: यमकेश्वर क्षेत्र में नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन के लोकार्पण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा केवल डिग्री या रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, चेतना और नैतिक मूल्यों के विकास का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण का प्रमुख स्तंभ मानते हुए निरंतर सशक्त कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि बीते चार वर्षों में राज्य सरकार द्वारा 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार शिक्षा के सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था और नवाचार के माध्यम से समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन क्षेत्र के शैक्षिक विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा और इससे विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर, सुरक्षित और प्रेरक वातावरण मिलेगा।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि आज वे सुरक्षा, सुशासन और विकास के क्षेत्र में पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है कि योगी आदित्यनाथ ने यहीं से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और आज देश के सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनका जीवन सेवा, त्याग और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की प्रेरक मिसाल है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह केवल आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की भूमिका केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें संस्कार, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन का केंद्र भी बनना चाहिए।पौराणिक गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रणाली व्यक्तित्व निर्माण की एक सशक्त आधारशिला रही है, जिसने समाज को दिशा देने वाले नागरिक तैयार किए।

मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें व्यवहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उत्तराखंड सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार विद्यालय भवन की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई है, उसी प्रकार शिक्षण की गुणवत्ता भी उच्चस्तरीय होनी चाहिए।उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा में नवाचार से गांवों का समग्र विकास संभव है और इससे पलायन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है। आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों पर निर्भर रहने की प्रवृत्ति से ऊपर उठकर ही सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।

इस अवसर पर हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नवनिर्मित भवन को जनता को समर्पित किए जाने पर शुभकामनाएं देते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल दिया।कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालय की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए प्रांतीयकरण की प्रक्रिया पर नियमानुसार कार्यवाही का आश्वासन दिया।स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने विद्यालय के प्रांतीयकरण एवं विज्ञान विषय की कक्षाएं प्रारंभ कराने की मांग रखी।

कार्यक्रम के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों द्वारा विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 6 के नमन रावत, कक्षा 7 के हर्ष चौहान, कक्षा 8 की आरती चौहान, कक्षा 9 के सचिन बडोला, कक्षा 10 की कु. दीपाली, कक्षा 11 के अभिषेक बडोला तथा कक्षा 12 की कुं. पल्लवी शामिल रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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