महिलाओं के सशक्त अभिनय से सजी कृष्णलीला, भक्तिमय माहौल में गूंजे जयकारे
रायवाला/ऋषिकेश : होशियारी माता मंदिर प्रांगण में कृष्ण लीला कमेटी द्वारा आयोजित कृष्णलीला इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में निरंतर जारी है। धार्मिक आस्था से ओतप्रोत इस आयोजन की सबसे विशेष बात यह है कि लीला के सभी पात्रों का प्रभावशाली अभिनय महिलाओं द्वारा किया जा रहा है, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया है और क्षेत्र में इसकी विशेष चर्चा हो रही है।
तीसरे वर्ष आयोजित हो रही इस कृष्णलीला में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का सजीव मंचन किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन हिरण्यकश्यप वध, भक्त प्रहलाद की अटूट भक्ति तथा भगवान नरसिंह अवतार का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। कलाकारों के सशक्त अभिनय और संवादों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
दूसरे दिन ध्रुव चरित्र, कंस दरबार तथा भगवान विष्णु से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। मंच पर प्रस्तुत धार्मिक झांकियों ने लोगों को सनातन संस्कृति और पौराणिक कथाओं से जोड़ने का कार्य किया।
वहीं तीसरे दिन देवकी के छह बालकों की हत्या का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और गोकुल में मनाए गए उत्सव की भव्य एवं आकर्षक झांकी ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दृश्य के दौरान मंदिर परिसर जयकारों और भजन-कीर्तन से गूंज उठा।
कार्यक्रम का संचालन कर रहीं बीना बंगवाल ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं की ओर से गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग उठाई जा रही है, ताकि गौवंश संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि समिति की अध्यक्ष वर्षों से निराश्रित गौवंश की सेवा में समर्पित हैं और समाज में गौसेवा के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर समिति की सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने संकल्प लिया कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।आयोजन को सफल बनाने में सरस्वती अधिकारी, दुर्गा, मंजू देवी, मंजू पाठक, अलका क्षेत्री, इकला, राधिका, प्रियंका सुबेदी, कमलेश भंडारी, लक्ष्मी डंगवाल, शोभा बडोला, माया डबराल सहित अनेक महिलाओं की सक्रिय भूमिका रही।
कार्यक्रम में ऋषि राम शर्मा, अनिल डबराल, राजेश रतूड़ी समेत कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने महिलाओं द्वारा किए जा रहे इस अनूठे धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
