देहरादून में डेयरी सेक्टर में ईआरपी प्रणाली का शुभारंभ
देहरादून : प्रदेश के डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में देहरादून में एक अहम पहल की गई। आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक में आयोजित कार्यक्रम में पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध विकास, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, प्रोटोकॉल तथा कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उत्तराखंड कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (यूसीडीएफ) और प्रदेश के सभी दुग्ध संघों में ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस मौके पर यूसीडीएफ और टाटा कंज्यूमर्स प्रा. लि. के बीच ‘बद्री गाय घी’ और ‘पहाड़ी घी’ के विपणन को लेकर एक महत्वपूर्ण एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया। इस समझौते से राज्य के ‘आंचल’ ब्रांड को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री खजान दास, अपर सचिव डेयरी सुरेश चन्द्र जोशी, उपसचिव महावीर सिंह परमार, विभिन्न दुग्ध संघों के अध्यक्ष, प्रबंधक व यूसीडीएफ के प्रबंध निदेशक जयदीप अरोड़ा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि ईआरपी प्रणाली लागू होने से दुग्ध उपार्जन, प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी और अधिक कुशल बनेगी। इससे दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान, बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण, तकनीकी सेवाओं की आसान उपलब्धता और योजनाओं का तेज क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि डेटा आधारित निर्णय प्रणाली से कार्यकुशलता बढ़ेगी और त्रुटियों में कमी आएगी। अगले छह महीनों में सभी दुग्ध संघों में ईआरपी लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
टाटा कंज्यूमर्स के साथ हुए अनुबंध को डेयरी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताते हुए बहुगुणा ने कहा कि इससे ‘आंचल’ ब्रांड की बाजार पहुंच का विस्तार होगा और उत्पादों की वैल्यू बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ किसानों को बेहतर मूल्य के रूप में मिलेगा। उन्होंने विभाग की पिछले चार वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में औसत दैनिक दुग्ध उपार्जन 2.37 लाख लीटर रहा, जबकि अधिकतम 2.97 लाख लीटर प्रतिदिन दर्ज किया गया। आगामी वर्ष के लिए 3.25 लाख लीटर प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादकों को अधिकतम 14 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए और दुग्ध संघ अपने लाभ का कम से कम 20 प्रतिशत सुरक्षित रखें।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले चारा एफपीओ को सम्मानित किया गया। वहीं दुग्ध संघ नैनीताल की तीन प्रगतिशील महिला दुग्ध उत्पादकों को क्रमशः 25 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये के पुरस्कार प्रदान किए गए। हरिद्वार और उत्तरकाशी दुग्ध संघों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने डेयरी विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए टाटा कंज्यूमर्स के साथ हुए समझौते को दूरदर्शी पहल बताया और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं दीं।
