सीडीएस जनरल अनिल चौहान पहली बार पहुंचे पैतृक गांव गवाणा
श्रीनगर/पौड़ी गढ़वाल : देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान अपने पदभार संभालने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव गवाणा (पौड़ी गढ़वाल) पहुंचे, जहां उनका स्वागत बेहद भव्य और भावनात्मक माहौल में किया गया। गांव में उनके आगमन को लेकर सुबह से ही उत्साह का माहौल बना रहा और जैसे ही वे गांव पहुंचे, ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पूरा क्षेत्र उत्सव में डूबा नजर आया और बड़ी संख्या में लोग अपने गौरवशाली बेटे की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े।
इससे पूर्व जनरल चौहान श्रीनगर गढ़वाल के चौरास हेलीपैड पर उतरे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। वहां से वे सीधे अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हुए। गांव पहुंचने पर उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और पुराने दिनों की यादें साझा कीं।
ग्रामीणों ने देश की सेवा में उनके योगदान पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान जनरल चौहान ने भी सभी का आभार व्यक्त किया और अपने गांव व क्षेत्र के प्रति गहरा लगाव जताया। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। गांव पहुंचने से पहले उन्होंने देवलगढ़ स्थित प्रसिद्ध राजराजेश्वरी मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और देश की सुरक्षा, शांति तथा क्षेत्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर में उनके आगमन को लेकर भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
अपने दौरे के दौरान जनरल चौहान ने परिवारजनों से भी मुलाकात की। बताया जा रहा है कि वे अपने परिवार में आयोजित होने वाले भतीजी के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए गांव पहुंचे हैं, जो आगामी तीन दिनों में संपन्न होगा। इस मौके पर उन्होंने अपनी भतीजी को आशीर्वाद और उपहार भी प्रदान किए।
ग्रामीणों ने इस दौरे को ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताया। उनका मानना है कि इस तरह के दौरे से न केवल पारिवारिक रिश्ते मजबूत होते हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र में एकजुटता, अपनत्व और प्रेरणा का माहौल भी बनता है।
उल्लेखनीय है कि सितंबर 2022 में जनरल अनिल चौहान को देश का दूसरा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया गया था। वे मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के गवाणा गांव के निवासी हैं और उनकी इस उपलब्धि ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।


