राष्ट्रीय युवा दिवस पर देहरादून में स्वदेशी संकल्प दौड़ का शुभारंभ, सीएम धामी ने युवाओं को किया प्रेरित

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देहरादून : राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून स्थित ऐतिहासिक गांधी पार्क में आयोजित स्वदेशी संकल्प दौड़ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं और उनके आदर्शों को आत्मसात कर ही आत्मनिर्भर व विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की और कहा कि स्वामी जी ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताया था। उन्होंने कहा कि “आज का युवा यदि संकल्पित हो जाए तो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।”कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाली विभिन्न संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल एक आर्थिक अवधारणा नहीं, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक गौरव और रोजगार सृजन से जुड़ा हुआ आंदोलन है। स्थानीय उत्पादों को अपनाने से न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को मजबूती मिलती है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होती है।

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर युवा को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करेगा और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेगा।स्वदेशी संकल्प दौड़ में बड़ी संख्या में युवाओं, छात्र-छात्राओं, खिलाड़ियों और सामाजिक संगठनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दौड़ के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति और युवा ऊर्जा से ओतप्रोत माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड सरकार युवाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड का युवा देश और प्रदेश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में अपनाने, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

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