ठंड में बढ़ा हार्ट अटैक का खतरा, ब्लड प्रेशर बढ़ने से बिगड़ी स्थिति
उत्तर प्रदेश/ गोंडा: कड़ाके की ठंड के बीच जिले में हृदय संबंधी बीमारियों के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखी जा रही है। पिछले दो दिनों में गोंडा में हार्ट अटैक से तीन लोगों की मौत हो गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग और आमजन दोनों में चिंता का माहौल है। चिकित्सकों के अनुसार सर्दियों में तापमान गिरने के कारण खून की नसों में सिकुड़न होती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में शरीर को गर्म बनाए रखने के लिए रक्त धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है, क्योंकि हृदय को अधिक दबाव के साथ रक्त पंप करना पड़ता है। हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल और पहले से हृदय रोग से ग्रसित लोगों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है।

जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों के मुताबिक, ठंड के दौरान सुबह के समय हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है। अचानक ठंड में बाहर निकलना, ठंडा पानी इस्तेमाल करना, अधिक शारीरिक मेहनत और अनियमित दिनचर्या दिल के मरीजों के लिए जानलेवा हो सकती है। हाल के मामलों में भी पीड़ितों की उम्र अलग-अलग बताई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ठंड का असर केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी है कि सर्दियों में शरीर को पूरी तरह ढककर रखें, सुबह-शाम ठंड से बचाव करें, नियमित दवाइयों का सेवन करें और ब्लड प्रेशर व शुगर की समय-समय पर जांच कराते रहें। इसके साथ ही अत्यधिक तला-भुना और नमक युक्त भोजन से परहेज करने, हल्का व्यायाम करने और तनाव से दूर रहने की भी सलाह दी गई है।
डॉक्टरों का यह भी कहना है कि सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अचानक पसीना आना, चक्कर आना या बाएं हाथ में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज मिलने से जान बचाई जा सकती है।
लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है और लोगों से अपील कर रहा है कि ठंड के मौसम में लापरवाही न बरतें। विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता, सही खानपान और नियमित स्वास्थ्य जांच से सर्दियों में हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
