सही मार्गदर्शन और सही इलाज से चंद्रकला के घर लौटी खुशियां

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रायवाला। कभी जिस घर में एक मासूम की कमी का सन्नाटा था, आज उसी घर में किलकारियों की गूंज है। चंद्रकला दूसरी बार मां बनी हैं और उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। यह खुशी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि जागरूकता, सही मार्गदर्शन और समय पर इलाज की जीत है।

चंद्रकला बताती हैं कि उन्होंने अपने पहले बच्चे को खो दिया था। जागरूकता की कमी के कारण उनके पहले बेटे को जन्म से ही दिल की गंभीर समस्या थी। हार्ट की नश ब्लॉक थी और छेद भी था। इलाज की सही जानकारी और समय पर मार्गदर्शन न मिलने के कारण वह मासूम बच्चा सिर्फ चार साल की उम्र में दुनिया छोड़ गया। यह दर्द आज भी उनके दिल में ताजा है।

लेकिन इस बार चंद्रकला और उनके पति आनंद रावत ने पिछली गलती दोहराने का फैसला नहीं किया। दूसरे बच्चे की प्लानिंग के समय वे श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल पहुंचे। यहां उन्हें अनुभवी और प्रशिक्षित डॉक्टरों…डॉ. प्रणति दास और डॉ. रजनी….की देखरेख में सही सलाह, नियमित जांच और पूरा मार्गदर्शन मिला।डॉक्टरों की निगरानी और समय पर देखभाल के चलते चंद्रकला की नॉर्मल डिलीवरी सफल रही और उन्होंने एक पूरी तरह स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। आज मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं और मुस्कान के साथ अपने घर लौट रही हैं।

चंद्रकला के पति आनंद रावत, जो एक होटल में काम करते हैं, कहते हैं“अगर हमें पहले सही जानकारी और ऐसा अस्पताल मिला होता, तो शायद हमारा बेटा आज हमारे साथ होता। लेकिन इस बार डॉक्टरों ने हमें हिम्मत दी, सही रास्ता दिखाया और हमारी खोई हुई खुशी लौटा दी।

यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि हर उस मां-बाप के लिए संदेश है कि जागरूकता, समय पर जांच और सही अस्पताल जीवन बचा सकते हैं।

श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की यह पहल एक बार फिर साबित करती है कि सेवा, संवेदना और समर्पण से असंभव भी संभव हो सकता है।

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