देहरादून में छठी उत्तराखंड युवा विधानसभा का शुभारंभ
देहरादून : राजधानी देहरादून स्थित यूसीएफ प्रेक्षागृह में युवा आह्वान के तत्वावधान में छठी उत्तराखंड युवा विधानसभा का भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित 70 युवा विधायक भाग ले रहे हैं। खास बात यह है कि इस वर्ष 33 प्रतिशत महिला सहभागिता सुनिश्चित की गई है, जिसमें 23 युवतियां सक्रिय रूप से शामिल हैं। आयोजकों ने इसे नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के उच्च शिक्षा, सहकारिता एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और सकारात्मक सोच ही उत्तराखंड को आत्मनिर्भर से विकसित राज्य बनाने की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने, नीति निर्माण की बारीकियों को सीखने और सकारात्मक राजनीति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।इस अवसर पर विनोद चमोली ने कहा कि देश और प्रदेश की प्रगति युवा सोच और संकल्प से ही संभव है तथा सरकार युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। युवा आह्वान के निदेशक रोहित ध्यानी ने बताया कि यह मंच युवाओं को संसदीय परंपराओं, वाद-विवाद की मर्यादा और नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का गंभीर प्रयास है। संस्था के अध्यक्ष प्रकाश गौड़ और उपाध्यक्ष ईश्वर बिष्ट ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को नारी शक्ति वंदन अधिनियम की भावना के अनुरूप बताते हुए इसे भविष्य के नेतृत्व निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल बताया।
पहले दिन सदन में “आत्मनिर्भर उत्तराखंड से विकसित उत्तराखंड की ओर” विषय पर अनुशासित और सारगर्भित बहस हुई। पक्ष ने स्वरोजगार, होम-स्टे मॉडल, पर्यटन विकास, महिला उद्यमिता, डिजिटल शिक्षा के विस्तार और आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। वहीं विपक्ष ने सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता की कमी, पलायन की समस्या, ग्रामीण स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं की स्थिति और पर्यावरण संरक्षण जैसे ज्वलंत मुद्दों को उठाया।
आगामी सत्रों में “परिसीमन 2026” और “पर्यावरण बनाम विकास” जैसे समसामयिक विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है, जिन पर युवा विधायक अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। युवा विधानसभा में रूपक सोही को अध्यक्ष, ऋतंभरा नैनवाल को उपाध्यक्ष, रोहित नेगी को मुख्यमंत्री तथा गंगा बहुगुणा को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।यह आयोजन युवाओं को लोकतांत्रिक प्रणाली का व्यवहारिक अनुभव देने के साथ-साथ उत्तराखंड के भविष्य को नई दिशा देने का सशक्त मंच बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहल न केवल नेतृत्व क्षमता को विकसित करती है, बल्कि युवाओं को नीति निर्माण और शासन व्यवस्था की समझ भी प्रदान करती है, जो राज्य के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
