अंतर्राष्ट्रीय मंच पर योग की शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन

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ऋषिकेश : अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के पावन और वैश्विक मंच पर योग की महान परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए अंतर्राष्ट्रीय योगाचार्य ओम योगी विशाल भारद्वाज ने अपना पांचवां विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर इतिहास रच दिया। उनके इस अद्भुत प्रदर्शन ने न केवल उपस्थित दर्शकों को आश्चर्यचकित किया, बल्कि योग की दिव्य शक्ति का जीवंत अनुभव भी कराया। ओम योगी विशाल भारद्वाज ने असाधारण साहस, अटूट एकाग्रता और वर्षों की साधना का परिचय देते हुए अपने माथे पर प्रज्वलित दीपक रखकर मात्र 2 मिनट में 25 योगासन पूर्ण किए। यह प्रदर्शन अपने आप में अनूठा और प्रेरणादायक रहा, जिसे देखकर उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया।

मेरठ निवासी ओम योगी पिछले कई वर्षों से उत्तराखंड में रहकर योग साधना कर रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि उनका उद्देश्य योग के माध्यम से भारतीय संस्कृति को संरक्षित करना है, न कि आर्थिक लाभ कमाना। वे विशेष रूप से युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें अनुशासित जीवन की ओर प्रेरित करने का कार्य कर रहे हैं।

इस भव्य आयोजन में ओम योगी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। उनके उत्कृष्ट योगदान और योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य को देखते हुए उन्हें इसी मंच पर ‘अंतर्राष्ट्रीय योग रत्न पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन ऋषिकेश के पावन गंगा तट पर स्थित गंगा रिजॉर्ट में किया गया, जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सहित कई प्रतिष्ठित संत-महात्मा और योग गुरु उपस्थित रहे। इनमें स्वामी जितानंद महाराज, अवधेशानंद गिरि जी महाराज और श्री श्री रविशंकर जैसे महान आध्यात्मिक गुरुओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। इसके साथ ही फिल्मी जगत की हस्तियां और देश-विदेश से आए योग साधकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

यह आयोजन उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड और गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा राज्य सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य योग को वैश्विक पहचान दिलाना और भारत की प्राचीन परंपरा को विश्व मंच पर स्थापित करना है। अपने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ओम योगी विशाल भारद्वाज ने कहा कि वे इस सफलता को अपनी माता श्री उमा देवी, अपने योग गुरु स्वामी जितानंद महाराज और ज्ञान गुरु अंकुर वत्स गुरुजी को समर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि योग उनके लिए केवल एक साधना नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अभियान है, जिसके माध्यम से वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहते हैं।

ओम योगी इससे पूर्व भी कई विश्व कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं और अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं। वे निशुल्क योग शिविरों के माध्यम से विद्यालयों, गुरुकुलों, पार्कों और विश्वविद्यालयों में युवाओं को योग से जोड़ रहे हैं, जिससे उन्हें स्वस्थ जीवनशैली, आत्मअनुशासन और आत्मबोध की दिशा में प्रेरित किया जा सके।अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में उनका यह प्रदर्शन न केवल एक रिकॉर्ड बना, बल्कि योग के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास को भी नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ।

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