पूर्णानंद घाट पर महिलाओं ने की युद्ध विराम की प्रार्थना

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ऋषिकेश : चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के तत्वाधान में पूर्णानंद घाट, जानकीपुल में विश्व की प्रथम महिला गंगा आरती के साथ विशेष यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस आयोजन में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी करते हुए विश्व शांति और युद्ध विराम की कामना की। पिछले कुछ दिनों से इजराइल, ईरान और अमेरिका सहित कई देशों के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात को देखते हुए इस यज्ञ में वैश्विक कल्याण के लिए विशेष आहुतियां दी गईं। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु एक ही भावना के साथ इस अनुष्ठान में शामिल हुए कि पूरी दुनिया में शांति स्थापित हो और हिंसा का अंत हो सके।

गंगा आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर विश्व शांति की प्रार्थना की और मानवता के हित में सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इस तरह के आध्यात्मिक प्रयास समाज में आशा और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डॉ. ज्योति शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दुख, भूख और युद्ध के अंत के लिए एक मनोवैज्ञानिक क्रांति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल शांति की बातें करने या नए कानून और संगठन बनाने से शांति स्थापित नहीं होगी, जब तक व्यक्ति अपने भीतर के लोभ, अहंकार और भौतिक आसक्तियों को त्यागने के लिए तैयार नहीं होता।वहीं, ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ज्ञानी ने कहा कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद पश्चिम एशिया में संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाहरी युद्ध को समाप्त करने के लिए सबसे पहले मनुष्य को अपने भीतर के संघर्ष को खत्म करना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वक्तव्य का भी उल्लेख किया, जिसमें भारत ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए शांति और स्थिरता का समर्थन किया है।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए विश्वभर के लोगों से आपसी भाईचारे, प्रेम और सहिष्णुता बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम में आचार्य सोनिया राज, पूनम रावत, अंजना उनियाल, पुष्पा शर्मा, वंदना नेगी, गायत्री, प्रमिला रजनी रावत सहित अनेक महिलाओं और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

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