लच्छीवाला में हाथी की दहशत, आबादी क्षेत्र में लगातार घुसपैठ से ग्रामीण भयभीत
लच्छीवाला / देहरादून: लच्छीवाला वन रेंज से सटे रिहायशी इलाकों में एक जंगली हाथी की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि हाथी जंगल की सुरक्षा दीवार फांदकर बार-बार आबादी क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है। हाथी की गतिविधियां क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
घनी आबादी वाले लच्छीवाला रेलवे लाइन पार के इलाकों में बीते कुछ दिनों से हाथी की मौजूदगी अचानक बढ़ गई है। हालात यह हैं कि सप्ताह में पांच से अधिक बार हाथी के आबादी क्षेत्र में आने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है और लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। बीती रात हाथी ने ईश्वरप्रसाद के खेत में खड़ी गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का गश्ती दल मौके पर पहुंचा। कड़ी मशक्कत और काफी देर तक की गई आतिशबाजी के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा जा सका। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि हाथी के दोबारा लौट आने की आशंका बनी हुई है।

लगातार हो रही घटनाओं से नाराज क्षेत्रवासियों ने शुक्रवार को पूर्व बीडीसी पम्मीराज के नेतृत्व में वन क्षेत्राधिकारी, लच्छीवाला को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी की वजह से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में भय का माहौल है। रात के समय आवाजाही लगभग बंद हो गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में राजकृपाल सिंह, नंदा देवी, विष्णु प्रसाद सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। सभी ने विभाग से समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने बताया कि हाथी द्वारा किए गए नुकसान के लिए मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। साथ ही हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर रखने के लिए अतिरिक्त गश्ती टीमें तैनात कर दी गई हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की है। वन विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
