पुलिस प्रशिक्षण सुदृढ़ीकरण, एसडीआरएफ क्षमता वृद्धि व आपदा प्रबंधन पर राज्यपाल का मार्गदर्शन

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देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह को लोक भवन, देहरादून में उत्तराखण्ड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण की स्थिति एवं पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।भेंट के दौरान डीजीपी दीपम सेठ ने राज्यपाल को प्रदेश में अपराधों की रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों में की जा रही सतर्क निगरानी तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड पुलिस आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , डिजिटल निगरानी प्रणाली, डेटा एनालिटिक्स एवं स्मार्ट पुलिसिंग जैसे नवाचारों को तेजी से अपनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

डीजीपी ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के दृष्टिगत साइबर सुरक्षा को मजबूत करने, साइबर सेल के विस्तार, तकनीकी दक्ष मानव संसाधन तैयार करने एवं आम नागरिकों को साइबर जागरूकता से जोड़ने के प्रयासों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। इसके साथ ही आगामी कुंभ मेले को लेकर सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन सेवाओं की तत्परता तथा समन्वित पुलिस व्यवस्था की तैयारियों के बारे में भी राज्यपाल को अवगत कराया गया।

भेंट के दौरान पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, पुलिस कर्मियों को आधुनिक संसाधनों एवं तकनीकी प्रशिक्षण से लैस करने, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ,एसडीआरएफ की क्षमता वृद्धि, आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने तथा त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को प्रभावी बनाने से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों की जानकारी भी साझा की गई। डीजीपी ने बताया कि आपदा संभावित क्षेत्रों में तैनाती, रेस्क्यू उपकरणों का आधुनिकीकरण और नियमित मॉक ड्रिल के माध्यम से आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी की जा रही है।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए पुलिस व्यवस्था को तकनीक-सक्षम, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने आगामी कुंभ मेले एवं अन्य बड़े आयोजनों को ध्यान में रखते हुए मजबूत, संवेदनशील एवं समन्वित पुलिस प्रबंधन बनाए रखने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। राज्यपाल ने कहा कि जन-सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए पुलिस, प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, आम जनता का विश्वास मजबूत करने तथा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य करने के संकल्प को दोहराया ।

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