टिहरी: ग्रामीण उद्यमियों के लिए सुनहरा मौका, 21 अगस्त से टिहरी में एमयूवाई चौपाल

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टिहरी गढ़वाल। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत जनपद टिहरी गढ़वाल के सभी विकासखंडों में एमयूवाई चौपाल का आयोजन किया जाएगा। चौपाल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय संसाधनों एवं हुनर को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में बदलने तथा ग्रामीण उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन और विभिन्न विभागीय योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बताया कि एमयूवाई चौपाल का प्रदेश स्तर पर शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 21 अगस्त को प्रातः 11 बजे देहरादून में किया जाएगा। इसी के साथ जनपद स्तर पर भी कार्यक्रम का शुभारंभ होगा तथा आईईसी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

21 अगस्त से 6 सितंबर तक जनपद के सभी विकासखंडों में नामित नोडल अधिकारियों की देखरेख में एमयूवाई चौपाल आयोजित की जाएगी। आईईसी वैन के माध्यम से विकासखंडों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की जानकारी दी जाएगी।

स्थानीय हुनर को व्यवसाय से जोड़ने पर जोर

एमयूवाई चौपाल का मुख्य उद्देश्य गांवों में ऐसा मजबूत उद्यमिता वातावरण तैयार करना है, जहां स्थानीय युवा, महिलाएं, स्वयं सहायता समूह और अन्य ग्रामीण उद्यमी अपने हुनर एवं स्थानीय संसाधनों के आधार पर नए व्यवसाय शुरू कर सकें।

चौपाल में संभावित उद्यमियों की पहचान कर उन्हें व्यवसाय की अवधारणा तैयार करने, बाजार की समझ विकसित करने, उत्पाद की गुणवत्ता एवं पैकेजिंग, ब्रांडिंग, वित्तीय प्रबंधन तथा बाजार से जुड़ने की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक, कृषि एवं स्थानीय संसाधनों की पहचान कर उनके बेहतर उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क, डिजिटल माध्यमों के उपयोग, वित्तीय साक्षरता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं संस्थागत सहायता की जानकारी उद्यमियों तक पहुंचाई जाएगी।

रोजगार और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

एमयूवाई चौपाल में स्थानीय उत्पादों एवं उद्यमों को बढ़ावा देने, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को बाजार से जोड़ने तथा वित्तीय एवं तकनीकी सहायता की जानकारी देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभिन्न विभागों और सहयोगी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ सफल उद्यमियों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे, ताकि नए उद्यमियों को व्यावहारिक जानकारी और प्रेरणा मिल सके।सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चौपाल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविक उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कार्य किए जाएं। इच्छुक ग्रामीणों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराते हुए संबंधित विभागों एवं योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

एमयूवाई चौपाल के माध्यम से गांव में ही अवसर, हुनर को व्यवसाय और स्थानीय संसाधनों को आजीविका का आधार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

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