ऋषिकेश वन भूमि विवाद: सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, प्रभावितों को मिला पक्ष रखने का समय

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ऋषिकेश क्षेत्र में वन भूमि को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर Supreme Court of India ने अहम निर्देश जारी किए हैं। 22 दिसंबर 2025 को पशुलोक एवं आसपास के क्षेत्रों की लगभग 2866 एकड़ भूमि से जुड़े मामले में न्यायालय ने कड़े रुख के साथ जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के आदेश दिए थे। इसके तहत उत्तराखंड के मुख्य वन संरक्षक को जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए, जिससे वर्षों से इन इलाकों में रह रहे हजारों लोगों के बीच भय और असमंजस की स्थिति बन गई थी।

हालांकि, इसी मामले की सुनवाई के दौरान अब प्रभावित पक्ष को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया जाएगा। इस अवधि में किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई पर फिलहाल अस्थायी रोक मानी जा रही है।

न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, तय समय-सीमा के भीतर सभी पक्ष अपने दस्तावेज़, तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद अगली सुनवाई में मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह आदेश न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे निष्पक्ष सुनवाई का अवसर सुनिश्चित होता है।

इन इलाकों में उभरा था विवाद

बीते दिनों ऋषिकेश के बापुग्राम, अमित ग्राम, बीस बीघा, शिवाजीनगर, मंशा देवी और मीरा नगरक्षेत्रों में वन विभाग द्वारा खाली पड़ी जमीनों पर बोर्ड लगाए गए थे। इसके बाद स्थानीय लोगों में यह आशंका गहराने लगी कि कहीं उन्हें भी अतिक्रमण के नाम पर हटाया न जाए। इसी डर और अनिश्चितता के चलते क्षेत्रवासियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शंभु पासवान (ऋषिकेश मेयर) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा। यहां वरिष्ठ अधिवक्ता वी. एन. सिन्हा को केस की पैरवी सौंपी गई।

उल्लेखनीय है कि वी. एन. सिन्हा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं और सेवानिवृत्ति के बाद सक्रिय वकालत कर रहे हैं। उनकी प्रभावी पैरवी के बाद ही अदालत ने प्रभावित क्षेत्रवासियों को 2 सप्ताह का समय देने का आदेश पारित किया।

अब आगे क्या होगा?

प्रभावित लोग तय समय-सीमा में अपने कागजात और साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।

प्रशासन अपने रिकॉर्ड और पक्ष न्यायालय के समक्ष रखेगा

अगली सुनवाई में अदालत मामले पर अंतिम दिशा-निर्देश जारी करेगी

फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से ऋषिकेश के इन इलाकों में रहने वाले लोगों को तत्काल राहत मिली है। अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई और अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

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