ऋषिकेश वन भूमि अतिक्रमण मामला: सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, कार्रवाई पर अस्थायी रोक

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ऋषिकेश में वन भूमि अतिक्रमण को लेकर चल रहे विवाद में प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिली है। Supreme Court of India ने इस प्रकरण में सभी पक्षकारों को अपना पक्ष रखने के लिए दो सप्ताह का समय प्रदान किया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर अस्थायी रोक मानी जा रही है।

ऋषिकेश के महापौर शंभु पासवान ने इस आदेश को आम जनता के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णय से प्रभावित परिवारों को राहत मिली है और अब वे अपने दस्तावेज़, साक्ष्य और तर्क अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। महापौर ने स्पष्ट किया कि पूरी सुनवाई के बिना किसी भी परिवार पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर लोगों के जीवन और रोज़गार से जुड़ा मामला है।

महापौर शंभु पासवान ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में दिल्ली में वरिष्ठ अधिवक्ता वी. एन. सिन्हा प्रभावित पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे हैं। वी. एन. सिन्हा इससे पहले पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद वे सक्रिय रूप से वकालत कर रहे हैं और उनकी मजबूत कानूनी पैरवी के चलते ही सुप्रीम कोर्ट से यह अहम राहत मिली है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में ऋषिकेश के कई इलाकों में वन भूमि से जुड़े मामलों को लेकर लोगों में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश प्रभावित लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।फिलहाल, सभी की निगाहें अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां प्रस्तुत दस्तावेज़ों और साक्ष्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

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