गुलदारों का बदला व्यवहार, अब दिन में भी बन रहे खतरा

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टिहरी : उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार (तेंदुए) के बढ़ते हमलों को लेकर एक नया और चिंताजनक खुलासा सामने आया है। हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार, अब गुलदार केवल रात के अंधेरे में ही नहीं बल्कि दिन के समय भी लोगों पर हमले कर रहे हैं। अध्ययन में सामने आया है कि टिहरी जिले में दर्ज कुल हमलों में से लगभग 92 प्रतिशत घटनाएं दिन के समय हुई हैं, जो पारंपरिक धारणा के बिल्कुल विपरीत है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, पहले यह माना जाता था कि गुलदार मुख्यतः रात में सक्रिय होते हैं और अंधेरे का फायदा उठाकर शिकार करते हैं। लेकिन अब उनके व्यवहार में बदलाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों का सिमटना, बढ़ती मानवीय गतिविधियां और भोजन की कमी जैसे कारणों से गुलदार अब दिन में भी आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिन के समय खेतों में काम कर रहे ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे इन हमलों के सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल बना हुआ है और लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, लोगों को समूह में रहने और सतर्क रहने की सलाह दी जाए, साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए।

इस शोध ने स्पष्ट कर दिया है कि गुलदारों के व्यवहार में हो रहे इस बदलाव को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में आवश्यक है कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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